रास्ते में दिखेगा यात्री तो रुकेगी बस, रोडवेज ने बदली अपनी व्यवस्था
अब तक ज्यादातर बसें केवल निर्धारित स्टॉप या बस अड्डों पर ही रुकती थीं. कई बार लोग मुख्य सड़क पर खड़े रह जाते थे और बसें निकल जाती थीं. मजबूरी में उन्हें निजी या अवैध वाहनों से सफर करना पड़ता था. नई व्यवस्था इसी परेशानी को खत्म करने की कोशिश है.
डिपो से रोजाना चल रहीं 108 बसें
पीलीभीत डिपो इस समय 108 बसों का संचालन कर रहा है. ये बसें दिल्ली, लखनऊ, मथुरा, मुरादाबाद, टनकपुर, शाहजहांपुर और कानपुर सहित कई प्रमुख शहरों के लिए नियमित सेवा दे रही हैं. हर दिन हजारों यात्री इन बसों से सफर करते हैं. लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष रूप से इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है.
क्यों लिया गया यह फैसला
अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में बस अड्डे दूर हैं. ऐसे में लोग सड़क किनारे ही बस का इंतजार करते हैं. बस न रुकने की स्थिति में वे डग्गामार वाहनों का सहारा लेते हैं. इससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठता है और विभाग को भी राजस्व का नुकसान होता है.
इसी स्थिति को सुधारने के लिए चालक और परिचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे रास्ते में प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों को नजरअंदाज न करें.
सख्त निर्देश और निगरानी
डिपो प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा. सभी कर्मचारियों को इसका पालन करना होगा. यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई भी की जा सकती है.
डिपो के एआरएम विपुल पाराशरी ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा देना प्राथमिकता है. सभी चालक और परिचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई यात्री बस की प्रतीक्षा करता दिखे, तो तुरंत बस रोककर उसे बैठाया जाए.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।