यूपी के इस जिले से होकर गुजरेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, दिल्ली की दूरी होगी बेहद कम

यूपी के इस जिले से होकर गुजरेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, दिल्ली की दूरी होगी बेहद कम
यूपी के इस जिले से होकर गुजरेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, दिल्ली की दूरी होगी बेहद कम

उत्तर प्रदेश: केंद्र सरकार के बजट 2026 में रेल यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा की गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए देशभर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया. इस योजना में उत्तर प्रदेश में स्थित कानपुर को भी सीधा लाभ मिलने जा रहा है, क्योंकि प्रस्तावित कॉरिडोर में से एक रूट कानपुर होकर गुजरेगा.

दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रूट में शामिल होगा कानपुर

घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली से वाराणसी तक का मार्ग भी शामिल किया गया है. यह रूट उत्तर भारत के कई बड़े शहरों को जोड़ेगा, जिसमें कानपुर एक अहम स्टेशन होगा. इस कॉरिडोर पर आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सकेगा.

3 से 3.5 घंटे में पूरी होगी दिल्ली यात्रा

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होने के बाद कानपुर से दिल्ली की दूरी और भी कम महसूस होगी. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को लगभग 3.5 घंटे में दिल्ली पहुंचने की सुविधा मिलेगी. मौजूदा समय में कानपुर सेंट्रल से दिल्ली जाने में ट्रेनों से 4.5 घंटे से लेकर 8 घंटे तक का समय लग जाता है.

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चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार

हाई-स्पीड रेल परियोजना को चरणों में लागू किया जाएगा. पहले चरण में ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी. इसके बाद दूसरे चरण में रफ्तार बढ़ाकर 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक करने की योजना है. इससे लंबी दूरी की यात्राएं काफी कम समय में पूरी हो सकेंगी.

मौजूदा ट्रेनों से भी कम होगा सफर का समय

वर्तमान में कानपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित है. वंदे भारत, तेजस, शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों से यह सफर लगभग 3 घंटे 15 मिनट में पूरा होता है. हाई-स्पीड कॉरिडोर शुरू होने के बाद समय में और कटौती संभव है.

रेलवे अधिकारियों ने बताई परियोजना की अहमियत

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से रेल नेटवर्क को नई गति मिलेगी. इससे यात्रियों को कम समय में लंबी दूरी तय करने का विकल्प मिलेगा और रेल यात्रा सड़क व हवाई सफर का बेहतर विकल्प बन सकेगी.

सुरक्षा और तकनीक पर खास जोर

हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा दीवारें बनाई जा रही हैं. साथ ही सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है. गाजियाबाद से दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच ट्रैक सुधार का लगभग 80% कार्य पूरा हो चुका है.

जल्द शुरू होगा अगला चरण

रेलवे सूत्रों के अनुसार अब परियोजना के दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके तहत बचे हुए ट्रैक सुधार, सुरक्षा कार्य और तकनीकी उन्नयन को तेजी से पूरा किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू किया जा सके.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।