योगी सरकार की ड्रीम परियोजना: गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को पहली किश्त, 2027 तक होगा तैयार
सरकार से मिली पहली आर्थिक मदद
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सरकार ने शुरुआती फंड जारी कर दिया है. जनवरी में पहली किस्त के रूप में 63.39 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इससे साफ है कि अब निर्माण कार्य को लेकर प्रशासन और कार्यदायी एजेंसियां पूरी तरह एक्टिव हो गई हैं.
पूर्वांचल का पहला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम
प्रदेश में अभी तक कानपुर और लखनऊ में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले होते हैं. वाराणसी में एक नया स्टेडियम बन रहा है, जबकि गोरखपुर में बनने वाला यह स्टेडियम पूर्वांचल का पहला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होगा. इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल किया गया है.
2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन ने इस परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने की योजना बनाई है. लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 तक स्टेडियम पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए, जिससे भविष्य में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच कराए जा सकें.
45 एकड़ में मुख्य स्टेडियम, आसपास भी होगा विकास
स्टेडियम का मुख्य ढांचा करीब 45 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा. इसके अलावा पांच एकड़ में दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित होंगी. यह स्थल एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से ज्यादा दूर नहीं है, जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों को आने-जाने में आसानी होगी. इसे सीधे गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की भी तैयारी है.
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनेगा स्टेडियम
स्टेडियम का निर्माण आईसीसी के तय मानकों के अनुसार किया जाएगा. इसमें 7 मुख्य पिच और चार अभ्यास पिच होंगी. दर्शक क्षमता लगभग 30 हजार रखी गई है. खास बात यह है कि यह स्टेडियम सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. मुख्य निर्माण से पहले जमीन भराई और समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है. आने वाले महीनों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा.
ईपीसी मोड पर होगा निर्माण
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को ईपीसी मॉडल पर बनाया जाएगा. इसके तहत एक ही एजेंसी डिजाइन, निर्माण और समयबद्ध पूर्णता की जिम्मेदारी संभालेगी. स्टेडियम में ईस्ट और वेस्ट स्टैंड, नॉर्थ और साउथ पवेलियन, आधुनिक एंट्री गेट और सुरक्षा जांच पॉइंट बनाए जाएंगे.
हजारों वाहनों की पार्किंग सुविधा
स्टेडियम परिसर में करीब 1500 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था होगी. ईस्ट और वेस्ट स्टैंड के नीचे पार्किंग बनाई जाएगी, जिससे भीड़ के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे.
दर्शकों और मीडिया के लिए आधुनिक सुविधाएं
स्टेडियम में दर्शकों के लिए साफ-सुथरे शौचालय, पीने का पानी, फर्स्ट एड रूम, कंकोर्स एरिया, मर्चेंडाइज स्टोर और बड़े वीडियो डिस्प्ले लगाए जाएंगे. मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग के लिए अलग से आधुनिक गैलरी, कंट्रोल रूम और कमेंट्री बॉक्स बनाए जाएंगे.
खिलाड़ियों के लिए खास इंतजाम
साउथ पवेलियन में खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, मैच अधिकारियों के कक्ष, प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल और डोपिंग कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे. वीआईपी और वीवीआईपी दर्शकों के लिए भी अलग गैलरी होगी.
ऊर्जा और पर्यावरण पर भी ध्यान
स्टेडियम में सोलर पैनल, ऊर्जा बचाने वाला एचवीएसी सिस्टम, अंडरग्राउंड वॉटर टैंक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और बेहतर जल निकासी व्यवस्था बनाई जाएगी. इससे यह स्टेडियम पर्यावरण के लिहाज से भी आधुनिक माना जाएगा.
पूरा इलाका बदलेगा रूप
डीएम दीपक मीणा के अनुसार, इसी क्षेत्र में पशु चिकित्सा महाविद्यालय और बड़ी कान्हा गोशाला का निर्माण भी हो रहा है. इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनने के बाद यह इलाका खेल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे का नया केंद्र बन जाएगा.
गोरखपुर को मिलेगी नई पहचान
स्टेडियम के निर्माण से न सिर्फ खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को नए अवसर भी मिलेंगे. पर्यटन, रोजगार और व्यापार के लिहाज से भी इसका सीधा फायदा गोरखपुर और आसपास के जिलों को मिलेगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।