यूपी में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, कई ओवरब्रिज का लोकार्पण जल्द
मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण की संभावना
सूत्रों के अनुसार, 10 फरवरी से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दोनों फ्लाइओवर का लोकार्पण कर सकते है. प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही हैं. जैसे ही ये फ्लाइओवर शुरू होंगे, शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारु हो जाएगा.
खजांची फ्लाइओवर से खुलेगा नया रास्ता
करीब 96.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया खजांची फ्लाइओवर 605 मीटर लंबा है. यह ओवरब्रिज जेल बाईपास को सीधे स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से जोड़ता है. इसके शुरू होने से खजांची चौराहा, मेडिकल कॉलेज, पादरी बाजार और नेपाल बॉर्डर की ओर जाने वाले वाहनों को सीधा और आसान मार्ग मिलेगा.
जाम से मिलेगी स्थायी राहत
अब तक इन इलाकों में हर दिन लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था. फ्लाइओवर के चालू होते ही ट्रैफिक का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
नकहा ओवरब्रिज से खत्म होगी रेलवे फाटक की परेशानी
नकहा जंगल और मानीराम स्टेशन के बीच समपार संख्या 5ए पर बन रहा नकहा फ्लाइओवर भी अपने अंतिम चरण में है. इसकी कुल लंबाई 1092 मीटर है और इस पर करीब 152.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इसके शुरू होने से रेलवे फाटक बंद रहने के कारण लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा.
शहर के उत्तरी हिस्से को मिलेगा फायदा
नकहा फ्लाइओवर चालू होने के बाद शहर के उत्तरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. रोजमर्रा के यात्रियों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों के लिए आवाजाही आसान हो जाएगी.
2026 बनेगा गोरखपुर के लिए खास साल
आने वाला वर्ष गोरखपुर के लिए सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. वर्ष 2026 तक फोरलेन और सिक्सलेन सड़कें, नए फ्लाइओवर और रेल ओवरब्रिज समेत एक दर्जन से अधिक परियोजनाएं पूरी होने की उम्मीद है. खास बात यह है कि गोरखपुर को पहली बार सिक्सलेन सड़क और सिक्सलेन फ्लाइओवर की सुविधा मिलने जा रही है.
शिक्षा और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में भी शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है. गीडा कार्यालय के सामने प्रदेश का पहला स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट लगभग बनकर तैयार है. इस पर करीब 48.39 करोड़ रुपये की लागत आई है और अगले 1-2 महीने में इसके लोकार्पण की संभावना है.
इसी साल गोरखपुर को राष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाने वाली दो बड़ी सौगातें भी मिलेंगी. वाराणसी मार्ग पर ताल नदौर में 30 हजार दर्शक क्षमता वाला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाया जा रहा है. करीब 392 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और जल्द ही इसका औपचारिक शिलान्यास किया जाएगा.
पहला वानिकी और औद्यानिक विश्वविद्यालय
इसके अलावा कैम्पियरगंज के भारीवैसी क्षेत्र में प्रदेश का पहला वानिकी एवं औद्यानिक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा. करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले इस विश्वविद्यालय के लिए 621.26 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की जा चुकी है.
नया टूरिस्ट स्पॉट बनेगा चिलुआताल घाट
रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किया गया चिलुआताल घाट भी जल्द ही लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. करीब 20.39 करोड़ रुपये की लागत से हुए सुंदरीकरण के बाद यह क्षेत्र नया पर्यटन केंद्र बनने जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा.
शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोरखपुर न सिर्फ पूर्वांचल का एक प्रमुख शहर बनेगा, बल्कि सड़क, शिक्षा, पर्यटन और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान हासिल करेगा. आने वाले वर्षों में इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा और शहर की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आएगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।