यूपी के इस जिले में मेट्रो प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए का बकाया, ठेकेदारों की बढ़ी मुश्किलें
मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर यूपी में बड़ा मामला
उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले में मेट्रो परियोजना निर्माण कार्य को लेकर तुर्की कंपनी गुलेरमक शहर को छोड़कर भागने की घटना सामने आ चुकी है जिसको लेकर ठेकेदार और प्रशासन में खलबली मची है. इस कंपनी में 53 ठेकेदार करीब 80 करोड रुपए बकाया भुगतान को लंबित रखने का आरोप लग चुका है. इन ठेकेदारों का पूरा दावा है कि पिछले कुछ महीनो पूर्व भुगतान नहीं किया गया था और जब भारत और पाकिस्तान युद्ध में तुर्की की कथित भूमिका को लेकर देशव्यापी विरोध धरना प्रदर्शन के बाद कंपनी ने भुगतान जानबूझकर और लापरवाही करके समय की देरी कर दी.
आगे ठेकेदारों ने कहा है कि गुलेरमक के सभी वरिष्ठ अधिकारीगण शहर छोड़कर निकल चुके हैं. फोन नेटवर्क के माध्यम से कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट और टालमटोल भरे जवाब दिए जा रहे हैं इस वारदात की शिकायत उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के अफसर से भी बातचीत की गई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं हुआ है. इसी बीच नौ ठेकेदार जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करके त्वरित हस्तक्षेप करने की मांग की है.
भाग गई तुर्की कंपनी ठेकेदारों ने लगाई गुहार
कानपुर जिले का यह घटना मेट्रो परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं और प्रबंधन में कमियो को उजागर स्पष्ट तौर से करती है. अब ठेकेदारों ने जिला प्रशासन से तत्काल अपने बकाया भुगतान की वसूली के लिए कार्रवाई करने की अपील की है इस मामले से स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों में व्यापक चिंता और आक्रोश को जन्म दे चुका है जो अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं
यह भी पढ़ें: अराजकता का तांडव था, गरीबों को नहीं मिल पाता था लाभ- पहले की सरकारों पर सीएम योगी का जुबानी हमलाप्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और इन ठेकेदारों को आश्वासन भी दिया है. इन ठेकेदारों ने स्पष्ट तौर से बताया है कि भुगतान का विवरण हम स्पष्ट तौर से साझा करेंगे जिसमें मेट्रो मार्बल के 3.70 करोड़, श्री बालाजी इंटरप्राइजेज के 21.50 लाख, रेडिएंट सर्विसेज के 1.20 करोड़, नंदन प्रीफैब के 29.50 लाख, श्रेयांश इंफ्राटेक के 1.70 करोड़, विनोद गुप्ता इंटरप्राइजेज के 8.14 लाख, एस इंटीरियर के 74.80 लाख, एमडी एहसान पेंटर के 39.80 लाख की राशि शामिल है ठेकेदारों ने बताया कि कंपनी ने बार-बार भुगतान का आश्वासन दे तो दिया लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई.
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।