यूपी में 13 कानूनों में बदलाव, योगी सरकार का बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार अब व्यापार और उद्योग से जुड़े कई पुराने कानूनों में बड़े परिवर्तन की तैयारी कर रही है. सरकार का लक्ष्य है कि कारोबारी माहौल को आसान बनाया जाए और साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित रखा जाए.
‘सुगम्य व्यापार विधेयक 2025’ पर चर्चा
हाल ही में मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें ‘सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ पर विस्तार से विचार किया गया. बैठक के दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि Ease of Doing Business को और मज़बूत करना आज की ज़रूरत है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक होगा जब श्रमिकों की सुरक्षा और उनकी सुविधा भी गारंटी के साथ सुनिश्चित हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के मंत्र को ध्यान में रखते हुए ऐसे सुधार किए जाएंगे, जो उद्योग जगत और मजदूर वर्ग दोनों के लिए लाभकारी साबित हों.
दंडात्मक प्रावधान होंगे समाप्त
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि पुराने और अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त किया जाए. उनकी जगह ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जो न्यायसंगत और पारदर्शी रहें.
इस दौरान यह भी सुझाव सामने आया कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन (Self-Certification) और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए. इससे उद्योगों पर अनावश्यक बोझ घटेगा, साथ ही मजदूरों के हित भी सुरक्षित रहेंगे.
99% आपराधिक प्रावधान होंगे समाप्त
मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी जानकारी दी है कि राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े करीब 13 अधिनियमों में 99% आपराधिक प्रावधानों को हटाने की तैयारी है.
अगर सब कुछ निश्चित योजना के अनुसार हुआ, तो उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जो इतनी बड़ी संख्या में आपराधिक धाराओं को हटाकर उन्हें गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा.
11 से अधिक कानूनों में परिवर्तन
सीएमओ की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी दी गई कि सीएम योगी के निर्देशों के बाद सरकार जल्द ही इस विधेयक को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी.
इसके तहत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा निस्तारण अधिनियम, सिनेमा अधिनियम और पंचायत अधिनियम समेत 11 से अधिक कानूनों को परिवर्तित किया जाएगा. जहां पहले जेल की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब सरकार आर्थिक जुर्माना और प्रशासनिक कार्रवाई को प्राथमिकता देने जा रही है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।