यूपी में इस रिंग रोड को लेकर दो साल बाद जमीन पर चला बुलडोजर, निर्माण में तेजी
रिंग रोड निर्माण कार्य में आई अड़चने
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में करीब करीब 2 साल से रिंग रोड के निर्माण को लेकर तीसरे चरण में बाधा उत्पन्न हो रही छतमरा और टिगरा पैगंबर गांव की जमीन दिन मंगलवार को प्रशासन ने कब्जा पर विजय प्राप्त किया है. अब रिंग रोड के लिए 1.800 किलोमीटर लंबाई में चयनित भूमि पर निर्माण हुए और खड़ी फसल पर प्रशासन का बुलडोजर करवाई किया है. किसी भी भूमि स्वामियों और महिलाओं ने जमकर विरोध दर्ज किया है लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस की कड़ी कार्रवाई के आगे किसी का दाल नहीं गल पाया.
जिसमें भूमि का समतलीकरण होने के साथ-साथ कंपनी ने निर्माण कार्य को लेकर अब शुरुआत किया है. इसी बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की 93.20 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना से रिंग रोड के पैकेज एक में सचेंडी से मंधना और पैकेज चार में रमईपुर से संचेडी और पैकेज तीन में रमईपुर से आटा तक का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है. इसी बीच पैकेज तीन में नॉर्मल तहसील के छतमरा और टिगरा पैगंबर गांव की 9 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण 40 से ज्यादा किस विरोध जता रहे हैं.
सरकार की तरफ से किसानों को दुगना मुआवजा
अब इस मामले को लेकर 2 साल से जिला प्रशासन इन भू स्वामियों को मनाने में जुटे हुए हैं. अब किस सर्किल रेट का चौगुना मुआवजा देने की अपील कर रहे हैं. राज्य सरकार किसानों को दुगना मुआवजा देने के लिए तैयार भी थी लेकिन इसमें करीब करीब 80 से अधिक किसान पहले मुआवजा ले भी चुके थे. इधर कुछ किसानों के वजह से रिंग रोड का निर्माण प्रारंभ नहीं हो पाया शासन स्तर पर लगातार जमीन अधिकृत करने पर जोर दिया जा रहा था. इस पूरे प्रकरण की जानकारी डीएम के संज्ञान में जितेंद्र प्रताप सिंह को दी हुई थी
उन्होंने शासन स्तर पर चर्चा भी किया था उसके बाद में डीएम के निर्देश पर एडीएम संतोष कुमार, एसडीएम नर्वल विवेक मिश्रा, नायब तहसीलदार आशीष पटेल और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिकारियों की एक टीम ने दिन मंगलवार को पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंच गई. चारों तरफ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कर दिया उसके बाद जमीन पर खड़ी बाउंड्री वॉल तथा अन्य निर्माण बुलडोजर से ध्वस्त करना शुरू करवा दिया. गांव की किसान और महिलाएं इस पूरे चक्र को देखकर विरोध करने के लिए तैयार हो चुके हैं. इसी बीच अफसरों से नोंक-झोंक भी हो चुका है.
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।