यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, इस महीने तैयार हो जाएगी मतदाता सूची
उत्तर प्रदेश: बागपत में आने वाले साल में अप्रैल-मई के बीच प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं. राज्य सरकार ने इन चुनावों की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. इसी क्रम में सबसे पहले ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे कि निर्वाचन प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत और व्यवस्थित बन सके.
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के आंशिक पुनर्गठन का विस्तृत प्रस्ताव 5 जून 2025 तक सरकार को उपलब्ध कराएं. बागपत जिला प्रशासन ने इस निर्देश के आलोक में आवश्यक तैयारियाँ आरंभ कर दी हैं. इसके तहत वर्तमान ग्राम पंचायतों की भौगोलिक और जनसंख्या स्थिति का विस्तृत आंकलन किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सितंबर-अक्टूबर 2025 तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की योजना है. इसके लिए पहले चरण में बीएलओ और पर्यवेक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, बूथ लेवल अधिकारियों के रूप में लेखपाल, जूनियर बेसिक स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा मित्र, और सरकारी उपक्रमों एवं निकायों के योग्य कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे. वहीं, पर्यवेक्षकों के पद पर राजस्व निरीक्षक, सहायक विकास अधिकारी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और वरिष्ठ बेसिक विद्यालयों के शिक्षक आदि की तैनाती की जाएगी. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए जून माह में एक पूर्व सर्वेक्षण भी कराया जाएगा. इस सर्वे के दौरान पुरानी मतदाता सूची में से मृतकों, स्थानांतरित व्यक्तियों अथवा फर्जी नामों को हटाया जाएगा और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा. यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है.
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि 23 मई 2025 के शासनादेश के अनुसार विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले प्रभावित ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जाए. इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो प्रारूप-सारणी 1 में 3 प्रतियों में पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करेगी. यदि कोई विकासखंड इस प्रक्रिया से प्रभावित होता है, तो संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के आंकड़े प्रारूप-2 व प्रारूप-3 में प्रस्तुत करने होंगे. साथ ही यह प्रमाणपत्र भी संलग्न करना अनिवार्य होगा कि कोई भी ग्रामीण क्षेत्र पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित होने से शेष नहीं रह गया है. यह समस्त दस्तावेज 5 जून 2025 तक शासन को भेजना अनिवार्य है. सरकार की योजना है कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का पूर्ण अवसर मिले.
यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, इस महीने तैयार हो जाएगी मतदाता सूची
उत्तर प्रदेश: बागपत में आने वाले साल में अप्रैल-मई के बीच प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं. राज्य सरकार ने इन चुनावों की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. इसी क्रम में सबसे पहले ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे कि निर्वाचन प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत और व्यवस्थित बन सके.
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के आंशिक पुनर्गठन का विस्तृत प्रस्ताव 5 जून 2025 तक सरकार को उपलब्ध कराएं. बागपत जिला प्रशासन ने इस निर्देश के आलोक में आवश्यक तैयारियाँ आरंभ कर दी हैं. इसके तहत वर्तमान ग्राम पंचायतों की भौगोलिक और जनसंख्या स्थिति का विस्तृत आंकलन किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सितंबर-अक्टूबर 2025 तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की योजना है. इसके लिए पहले चरण में बीएलओ और पर्यवेक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, बूथ लेवल अधिकारियों के रूप में लेखपाल, जूनियर बेसिक स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा मित्र, और सरकारी उपक्रमों एवं निकायों के योग्य कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे. वहीं, पर्यवेक्षकों के पद पर राजस्व निरीक्षक, सहायक विकास अधिकारी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और वरिष्ठ बेसिक विद्यालयों के शिक्षक आदि की तैनाती की जाएगी. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए जून माह में एक पूर्व सर्वेक्षण भी कराया जाएगा. इस सर्वे के दौरान पुरानी मतदाता सूची में से मृतकों, स्थानांतरित व्यक्तियों अथवा फर्जी नामों को हटाया जाएगा और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा. यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है.
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि 23 मई 2025 के शासनादेश के अनुसार विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले प्रभावित ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जाए. इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो प्रारूप-सारणी 1 में 3 प्रतियों में पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करेगी. यदि कोई विकासखंड इस प्रक्रिया से प्रभावित होता है, तो संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के आंकड़े प्रारूप-2 व प्रारूप-3 में प्रस्तुत करने होंगे. साथ ही यह प्रमाणपत्र भी संलग्न करना अनिवार्य होगा कि कोई भी ग्रामीण क्षेत्र पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित होने से शेष नहीं रह गया है. यह समस्त दस्तावेज 5 जून 2025 तक शासन को भेजना अनिवार्य है. सरकार की योजना है कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का पूर्ण अवसर मिले.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।