यूपी में पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन अब पीएआई पोर्टल से होगा
कार्यशाला के दौरान रिसोर्स पर्सन डीपीआरसी श्रावस्ती बृजेश पाण्डेय ने पीएआई पोर्टल पर विभिन्न विभागों द्वारा ग्राम पंचायतों में कराये गये कार्यों का विवरण अपलोड किये जाने की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पंचायती राज मंत्रालय ने गरीबी मुक्त, स्वस्थ्य, बाल हितैषी, पर्याप्त जलयुक्त, स्वच्छ एवं हराभरा, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला, सामाजिक रूप से सुरक्षित और न्याय संगत, सुशासन युक्त तथा महिला हितैषी ग्राम पंचायतों की परिकल्पना की है.
रिसोर्स पर्सन ने कहा कि पंचायतों में बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता, आय स्तर, रोजगार अवसर, कृषि उत्पादकता, आर्थिक गतिविधियां, शासन-प्रशासन की दक्षता एवं पारदर्शिता, सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं, स्कूल नामांकन, साक्षरता दर, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक समावेश, लैंगिक समानता और पर्यावरणीय संतुलन जैसे बिन्दुओं की जानकारी एकत्र कर पीएआई पोर्टल विकसित किया गया है.
यह भी पढ़ें: लखनऊ के चिनहट CHC में अचानक पहुंचे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, निरीक्षण के बाद दिए सख्त निर्देशउन्होंने बताया कि यह पोर्टल पंचायतों की वृद्धिशील प्रगति व प्रदर्शन के आधार पर पंचायतों की ग्रेडिंग करने, गुणवत्तापूर्ण पीडीपी तैयार करने, राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार हेतु मूल्यांकन करने और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप स्थानीय नियोजन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साधन है.
यह भी पढ़ें: अराजकता का तांडव था, गरीबों को नहीं मिल पाता था लाभ- पहले की सरकारों पर सीएम योगी का जुबानी हमलापीएआई पोर्टल पंचायतों की जवाबदेही, पारदर्शिता और दृश्यता को बढ़ावा देता है. यह साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, लक्ष्य निर्धारण, वार्षिक स्कोर व प्रगति पर नजर रखने, आधार रेखाएं स्थापित करने और पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करता है. इसके साथ ही यह जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने, सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं की पहचान करने तथा परिणाम संकेतकों की नियमित निगरानी करने का भी माध्यम है.
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य ब्लाक स्तरीय अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद रहे.
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