अयोध्या में बदलेगी सरयू नदी की धारा, बस्ती जिलाधिकारी से माँगी मंजूरी

अयोध्या में बदलेगी सरयू नदी की धारा, बस्ती जिलाधिकारी से माँगी मंजूरी
अयोध्या में बदलेगी सरयू नदी की धारा, बस्ती जिलाधिकारी से माँगी मंजूरी

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सरयू नदी के भीतर पुल के पिलर खड़े करने के लिए अब धारा में आंशिक परिवर्तन की अनुमति मांगी गई है. इसके लिए संबंधित संस्था ने बस्ती के जिलाधिकारी को औपचारिक अनुरोध भेजा है, क्योंकि सरायरासी माझा के सामने नदी का हिस्सा बस्ती जिले की सीमा में आता है.

बरसात से पहले काम निपटाने की योजना 

परियोजना से जुड़े अधिकारी जून तक नदी वाले हिस्से का अधिकांश काम पूरा करने की कोशिश में हैं. योजना यह है कि करीब 1 किलोमीटर के अंतर्गत आने वाले सभी पिलर समय रहते खड़े कर दिए जाएं, जिससे बारिश शुरू होने पर निर्माण प्रभावित न हो. अधिकारियों का मानना है कि मानसून में जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के भीतर काम करना बेहद कठिन हो जाएगा.

67 किमी लंबा रिंग रोड, कई जिलों को जोड़ेगा

अयोध्या विकास प्राधिकरण के विस्तारित नक्शे के मुताबिक रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 67 किलोमीटर तय की गई है. यह मार्ग अयोध्या की परिधि से गुजरते हुए गोंडा और बस्ती जिलों को भी जोड़ेगा. पूरी परियोजना पर लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च होने की योजना है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार अपेक्षित है.

UPSRTC का नया नियम: बस स्टेशन से निकलने से पहले सभी यात्रियों का टिकट अनिवार्य यह भी पढ़ें: UPSRTC का नया नियम: बस स्टेशन से निकलने से पहले सभी यात्रियों का टिकट अनिवार्य

सड़क पर तारकोल बिछाने का काम शुरू

मसौघा ब्लॉक के ताजपुर कोंडरा गांव के पास रिंग रोड के हिस्से पर डामर बिछाने का काम शुरू हो चुका है. करीब 1 किलोमीटर हिस्से में लेपन पूरा कर लिया गया है. परियोजना के वरिष्ठ प्रबंधक विकास त्रिपाठी के अनुसार अलग-अलग खंडों को मिलाकर 3 किलोमीटर तक यह काम किया जाएगा. सड़क के बीच डिवाइडर के लिए जगह छोड़ी गई है. विभाग ने 31 मार्च तक 12 किलोमीटर सड़क पर डामर बिछाने का लक्ष्य रखा है. निर्माण कार्य ओएसएस कंपनी द्वारा किया जा रहा है.

संसद में सर्व सम्मति से श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित किया जाय-रामभद्राचार्य यह भी पढ़ें: संसद में सर्व सम्मति से श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित किया जाय-रामभद्राचार्य

अंडरपास और अन्य ढांचा भी तैयार

हाईवे क्रॉसिंग वाले स्थानों पर बड़े अंडरपास और गांवों के रास्तों के लिए छोटे अंडरपास बनाए जा चुके हैं. कई जगहों पर इनके ऊपर का ढांचा भी तैयार हो गया है. लेकिन कुछ हिस्सों में अभी सड़क के लिए मिट्टी भराई का काम बाकी है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.

UP में 5757 करोड़ का मेगा हाईवे: कानपुर से कबरई तक बनेगा 118 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यह भी पढ़ें: UP में 5757 करोड़ का मेगा हाईवे: कानपुर से कबरई तक बनेगा 118 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती सरयू नदी पर निर्मित होने वाले 2 बड़े पुल हैं. इनमें एक सोहावल तहसील के मंगलसी गांव के पास और दूसरा सरायरासी माझा क्षेत्र में करीब 4200 मीटर लंबा प्रस्तावित है. अधिकारियों का अनुमान है कि सबसे ज्यादा समय इसी हिस्से में लगेगा, इसलिए जून से पहले नदी के ऊपर का अधिकतम काम पूरा करने की तैयारी की जा रही है. रिंग रोड बनने के बाद अयोध्या, गोंडा और बस्ती के बीच आवागमन बेहद आसान होगा और शहर के बाहरी हिस्सों में ट्रैफिक दबाव भी काफी कम होने की उम्मीद है.

On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।