बस्ती में 5 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप, बेटी बोली- माता-पिता का कर लिया अपहरण
लालगंज थाना क्षेत्र के सरायघाट उर्फ लालगंज में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है. निशा देवी पुत्री सूर्यलाल ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर अपने परिवार के जान माल की रक्षा और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग किया है. एसपी को दिये पत्र में निशा देवी ने कहा है कि वह चार बहने है. वह अपने पिता की सबसे छोटी संतान है . वह अपने माता विधाता देवी तथा पिता सूर्यलाल के साथ लालगंज में रहते हुए अपने माता पिता की सेवा कर रही है उक्त जमीन जायदाद रामधनी का था जो उसको दिये थे. इसी दौरान उनकी माता के नाम दर्ज जमीन कुछ लोग कब्जा करने लगें. तब उसके पिता भी सूर्यलाल ने संजीत पुत्र रामपलट विश्वकर्मा साकिन जिगिना देवा थाना लालगंज जिला बस्ती से मदद मांगने लगे. मदद के नाम पर संजीत ने उसकेे पिता सूर्यलाल को अपने मुट्ठी में कर लिये और खेत व्यापार का मैनेजमेन्ट शुरू कर दिया .
5 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप
संजीत ने उसे औरे परिवार को लालगंज से मारपीट कर निकालने का प्रयास शुरू कर दिये . उसकी सगी मां के नाम जो भी खेत जमीन लालगंज बाजार में थी उनकी कीमत लगभग पांच करोड है जिसको संजीत और संदीप व अरुण और अजय वर्मा तथा चार पांच अन्य गोल बनाकर अपहरण करके एक ही दिन में बैनामा करा लिए. विधात्ता देवी को एक ही दिन में सात बैनामा लिखने की कोई आवश्यकता नहीं थी. कोई रूपया नहीं दिया गया है. संजीत और अरूण आदि भूमाफिया है .
घर में घुसकर मारपीट, लाखों का सामान ले जाने का आरोप
उन लोगों ने गत 25 मई को उसे घर में घुस कर मारा-पीटा . उसके पति के सीने पर अभी भी नीला निशान है जमीन जायदाद बेचने की कोई वजह होती है. उसके माता पिता 80 -82 साल के है और उनका अपहरण करके उन्हें कही जबरिया रोक रखा गया है. उक्त लोग लालगंज बाजार स्थित उसके के घर का सारा सामान सोना चांदी रूपया पैसा लाकर तोडकर उठा ले गये. कापी किताब कास्मेटिक की दुकान का सामान भी उसे भी उठा ले गये . उसने 112 नम्बर डायल किया और पूरा लालगंज बाजार इक्कठा हो गया तब अपराधी भाग गये लेकिन स्थानीय पुलिस मदद नहीं कर रही है.
बस्ती में 5 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप, बेटी बोली- माता-पिता का कर लिया अपहरण
लालगंज थाना क्षेत्र के सरायघाट उर्फ लालगंज में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है. निशा देवी पुत्री सूर्यलाल ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर अपने परिवार के जान माल की रक्षा और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग किया है. एसपी को दिये पत्र में निशा देवी ने कहा है कि वह चार बहने है. वह अपने पिता की सबसे छोटी संतान है . वह अपने माता विधाता देवी तथा पिता सूर्यलाल के साथ लालगंज में रहते हुए अपने माता पिता की सेवा कर रही है उक्त जमीन जायदाद रामधनी का था जो उसको दिये थे. इसी दौरान उनकी माता के नाम दर्ज जमीन कुछ लोग कब्जा करने लगें. तब उसके पिता भी सूर्यलाल ने संजीत पुत्र रामपलट विश्वकर्मा साकिन जिगिना देवा थाना लालगंज जिला बस्ती से मदद मांगने लगे. मदद के नाम पर संजीत ने उसकेे पिता सूर्यलाल को अपने मुट्ठी में कर लिये और खेत व्यापार का मैनेजमेन्ट शुरू कर दिया .
5 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप
संजीत ने उसे औरे परिवार को लालगंज से मारपीट कर निकालने का प्रयास शुरू कर दिये . उसकी सगी मां के नाम जो भी खेत जमीन लालगंज बाजार में थी उनकी कीमत लगभग पांच करोड है जिसको संजीत और संदीप व अरुण और अजय वर्मा तथा चार पांच अन्य गोल बनाकर अपहरण करके एक ही दिन में बैनामा करा लिए. विधात्ता देवी को एक ही दिन में सात बैनामा लिखने की कोई आवश्यकता नहीं थी. कोई रूपया नहीं दिया गया है. संजीत और अरूण आदि भूमाफिया है .
घर में घुसकर मारपीट, लाखों का सामान ले जाने का आरोप
उन लोगों ने गत 25 मई को उसे घर में घुस कर मारा-पीटा . उसके पति के सीने पर अभी भी नीला निशान है जमीन जायदाद बेचने की कोई वजह होती है. उसके माता पिता 80 -82 साल के है और उनका अपहरण करके उन्हें कही जबरिया रोक रखा गया है. उक्त लोग लालगंज बाजार स्थित उसके के घर का सारा सामान सोना चांदी रूपया पैसा लाकर तोडकर उठा ले गये. कापी किताब कास्मेटिक की दुकान का सामान भी उसे भी उठा ले गये . उसने 112 नम्बर डायल किया और पूरा लालगंज बाजार इक्कठा हो गया तब अपराधी भाग गये लेकिन स्थानीय पुलिस मदद नहीं कर रही है.
ताजा खबरें
About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है