यूपी में इस पुल पर दरार, दिख रहा है सरिया
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित कर्नलगंज में सरयू नदी पर बना पुल अब खतरे की स्थिति में है. यह वही पुल है जो गोंडा और बलरामपुर को राजधानी लखनऊ से जोड़ता है, परंतु अब इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है. पुल की उम्र 63 साल पूरी हो चुकी है और अब इसके जोड़ों में गहरी दरारें नजर आने लगी हैं.
पुल पर से जब भारी वाहन गुजरते हैं तो जोर की कंपन और अजीब आवाजें सुनाई देती हैं. ऐसा लगता है मानो पुल अब ज्यादा भार सहन करने की स्थिति में नहीं है. कई जगहों से कंक्रीट टूट चुका है और सरिया भी बाहर निकलने लगा हैं. इस स्थिति के कारण लोगों में काफी डर उत्पन्न हो गया है.
लगभग 2.5 साल पहले इस पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था. दो महीने तक आवागमन रोकने के बाद मरम्मत का काम शुरू हुआ था. इसके बाद साल 2023 में भी लगभग एक महीने तक पुल की मरम्मत की गई, परंतु इन सबके बावजूद भी पुल की स्थिति में खास परिवर्तन नहीं देखा गया.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजारसबसे गंभीर स्थिति पुल के उसी हिस्से की है जहां पहले दरार आई थी. उस जगह पर लोहे का पिलर लगाकर किसी तरह पुल को सहारा दिया गया, परंतु यह केवल अस्थाई रूप के लिए है.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस पल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि जो पुल 50 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं, उन्हें जर्जर घोषित कर उनकी जगह नए पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए.
इस विषय में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अनिल कुमार ने जानकारी दी कि यह सरयू पुल अब नेशनल हाईवे विभाग को सौंप दिया गया है. इसके साथ ही एक नया प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसमें बाईपास और सरयू नदी पर एक नया फोरलेन पुल को निर्मित कराने की योजना है.
वर्तमान में, इस प्रस्ताव की प्रक्रिया जारी है. परंतु जब तक नया पुल निर्मित नहीं हो जाता, तब तक इस पुल पर गुजरते वक्त लोगों को बेहद सावधानियां बरतनी होंगी. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस गंभीर स्थिति को ठीक करने की सभी तैयारियां जारी हैं.
यूपी में इस पुल पर दरार, दिख रहा है सरिया
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित कर्नलगंज में सरयू नदी पर बना पुल अब खतरे की स्थिति में है. यह वही पुल है जो गोंडा और बलरामपुर को राजधानी लखनऊ से जोड़ता है, परंतु अब इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है. पुल की उम्र 63 साल पूरी हो चुकी है और अब इसके जोड़ों में गहरी दरारें नजर आने लगी हैं.
पुल पर से जब भारी वाहन गुजरते हैं तो जोर की कंपन और अजीब आवाजें सुनाई देती हैं. ऐसा लगता है मानो पुल अब ज्यादा भार सहन करने की स्थिति में नहीं है. कई जगहों से कंक्रीट टूट चुका है और सरिया भी बाहर निकलने लगा हैं. इस स्थिति के कारण लोगों में काफी डर उत्पन्न हो गया है.
लगभग 2.5 साल पहले इस पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था. दो महीने तक आवागमन रोकने के बाद मरम्मत का काम शुरू हुआ था. इसके बाद साल 2023 में भी लगभग एक महीने तक पुल की मरम्मत की गई, परंतु इन सबके बावजूद भी पुल की स्थिति में खास परिवर्तन नहीं देखा गया.
सबसे गंभीर स्थिति पुल के उसी हिस्से की है जहां पहले दरार आई थी. उस जगह पर लोहे का पिलर लगाकर किसी तरह पुल को सहारा दिया गया, परंतु यह केवल अस्थाई रूप के लिए है.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस पल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि जो पुल 50 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं, उन्हें जर्जर घोषित कर उनकी जगह नए पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए.
इस विषय में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अनिल कुमार ने जानकारी दी कि यह सरयू पुल अब नेशनल हाईवे विभाग को सौंप दिया गया है. इसके साथ ही एक नया प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसमें बाईपास और सरयू नदी पर एक नया फोरलेन पुल को निर्मित कराने की योजना है.
वर्तमान में, इस प्रस्ताव की प्रक्रिया जारी है. परंतु जब तक नया पुल निर्मित नहीं हो जाता, तब तक इस पुल पर गुजरते वक्त लोगों को बेहद सावधानियां बरतनी होंगी. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस गंभीर स्थिति को ठीक करने की सभी तैयारियां जारी हैं.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।