अखिलेश यादव ने घर में मंगवाए मिट्टी के दो चूल्हे, बोले- गैस नहीं तो यही सहारा
Uttar Pradesh News
उत्तर प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति की परेशानी को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं.
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि जब उन्हें गैस को लेकर समस्या की जानकारी मिली थी, तब ही उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कंडे, लकड़ी और अंगीठी तैयार रखने की सलाह दी थी. कई लोगों ने उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन अब स्थिति देखकर लगता है कि पारंपरिक साधनों की ओर लौटना पड़ सकता है.
उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवाकर रख लिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना किसी परेशानी के खाना बनाया जा सके. उनका कहना था कि यदि आने वाले एक-दो महीने तक इसी तरह की दिक्कत बनी रहती है, तो आम नागरिकों को भी इसी तरह के विकल्प अपनाने होंगे.
यह भी पढ़ें: गाजियाबाद में जिलाधिकारी ने 24 घंटे में बदला फैसला, ऑनलाइन क्लास का आदेश वापस, अब खुलेंगे स्कूलसपा प्रमुख ने इस स्थिति का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, छोटे कारोबारियों और गरीब तबके को झेलनी पड़ सकती है. ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले लोग, जैसे चाट, मोमोज या अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले, इस स्थिति में बुरी तरह प्रभावित होंगे क्योंकि उनका पूरा काम गैस पर निर्भर करता है.
यह भी पढ़ें: यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला, रामनवमी पर 2 दिन का अवकाश, जानें क्या-क्या रहेगा बंद?अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ रही है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ रही हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि स्थिति को जल्द सामान्य किया जाए और लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
अखिलेश यादव ने घर में मंगवाए मिट्टी के दो चूल्हे, बोले- गैस नहीं तो यही सहारा
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उत्तर प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति की परेशानी को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं.
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि जब उन्हें गैस को लेकर समस्या की जानकारी मिली थी, तब ही उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कंडे, लकड़ी और अंगीठी तैयार रखने की सलाह दी थी. कई लोगों ने उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन अब स्थिति देखकर लगता है कि पारंपरिक साधनों की ओर लौटना पड़ सकता है.
उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवाकर रख लिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना किसी परेशानी के खाना बनाया जा सके. उनका कहना था कि यदि आने वाले एक-दो महीने तक इसी तरह की दिक्कत बनी रहती है, तो आम नागरिकों को भी इसी तरह के विकल्प अपनाने होंगे.
सपा प्रमुख ने इस स्थिति का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, छोटे कारोबारियों और गरीब तबके को झेलनी पड़ सकती है. ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले लोग, जैसे चाट, मोमोज या अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले, इस स्थिति में बुरी तरह प्रभावित होंगे क्योंकि उनका पूरा काम गैस पर निर्भर करता है.
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ रही है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ रही हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि स्थिति को जल्द सामान्य किया जाए और लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है