बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री आलोक दुबे एवं जिला संगठन महामंत्री भरत राम गुप्ता बबलू के नेतृत्व में बिजली मूल्य में 10 प्रतिशत वृद्धि के विरोध में मालवीय रोड स्थित अधीक्षण अभियन्ता को सम्बोधित ज्ञापन देकर विरोध प्रदर्शन किया .
ज्ञापन देने के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष बस्ती मंडल डॉ हरि मूर्ति सिंह ‘मनोज’ आलोक दुबे, भरत राम गुप्ता बबलू आदि ने कहा कि डीजल, पेट्रोल मूल्य वृद्धि, खाद्य पदार्थो में बढती मंहगाई से लोग पहले से परेशान थे, सरकार ने बिजली मंहगा करके संकट को और बढा दिया है. हैरानी की बात तो ये है कि ईंधन अधिभार लगाने से पूर्व नियामक आयोग से अनुमति तक नहीं ली गई .
प्रदेश उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद मद्धेशिया ने बताया बिजली के औद्योगिक व घरेलू बिलों में पूर्व में ही फिक्स चार्ज लगाए जा रहे है . प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीत पाण्डेय ने कहा कि वाणिज्य बिलों में फिक्स चार्ज व मिनिमम चार्ज दोनों लगाए जाते हैं. घरेलू, वाणिज्य व औद्योगिक बिलों में 7.5ः इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जोड़ी जा रही है.
नियामक आयोग के द्वारा प्रत्येक वर्ष बिजली के उत्पादन व खर्चों की समीक्षा कर आम पब्लिक से सुनवाई करने के बाद बिजली की दरों का पुनः निर्धारण किया जाता है इसलिए बीच सेशन में अनावश्यक रूप से बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का कोई औचित्य नहीं है . जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि अचानक की गई बढ़ोतरी से एक गलत परंपरा की शुरुआत होगी तथा इसके प्रभाव से बढ़ाने वाली महंगाई से आम जनता प्रभावित होगी . नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप एवं महामंत्री धीरेंद्र चौधरी ने बताया अचानक कि गई बढ़ोतरी से उत्तर प्रदेश का उद्योग व व्यापार प्रभावित होगा हमारे यंहा के व्यापार लागत बढ़ने से नष्ट हो जाएगा.
उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष कमलेश चौधरी एवं जिला युवा संगठन महामंत्री सत्य प्रकाश दुबे और बाकी कोई पादरी ने बताया अनावश्यक रूप से ईंधन अधिभार के नाम पर बिजली के बिलों में की जा रही 10ः की बढ़ोतरी को समाप्त करने के आदेश पारित करे. धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने वालों में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी विकास शर्मा, पवन गुप्ता, ओम प्रकाश चौधरी, प्रवीण सिंह, अजय कनौजिया आदि शामिल रहे.
बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री आलोक दुबे एवं जिला संगठन महामंत्री भरत राम गुप्ता बबलू के नेतृत्व में बिजली मूल्य में 10 प्रतिशत वृद्धि के विरोध में मालवीय रोड स्थित अधीक्षण अभियन्ता को सम्बोधित ज्ञापन देकर विरोध प्रदर्शन किया .
ज्ञापन देने के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष बस्ती मंडल डॉ हरि मूर्ति सिंह ‘मनोज’ आलोक दुबे, भरत राम गुप्ता बबलू आदि ने कहा कि डीजल, पेट्रोल मूल्य वृद्धि, खाद्य पदार्थो में बढती मंहगाई से लोग पहले से परेशान थे, सरकार ने बिजली मंहगा करके संकट को और बढा दिया है. हैरानी की बात तो ये है कि ईंधन अधिभार लगाने से पूर्व नियामक आयोग से अनुमति तक नहीं ली गई .
प्रदेश उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद मद्धेशिया ने बताया बिजली के औद्योगिक व घरेलू बिलों में पूर्व में ही फिक्स चार्ज लगाए जा रहे है . प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीत पाण्डेय ने कहा कि वाणिज्य बिलों में फिक्स चार्ज व मिनिमम चार्ज दोनों लगाए जाते हैं. घरेलू, वाणिज्य व औद्योगिक बिलों में 7.5ः इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जोड़ी जा रही है.
नियामक आयोग के द्वारा प्रत्येक वर्ष बिजली के उत्पादन व खर्चों की समीक्षा कर आम पब्लिक से सुनवाई करने के बाद बिजली की दरों का पुनः निर्धारण किया जाता है इसलिए बीच सेशन में अनावश्यक रूप से बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का कोई औचित्य नहीं है . जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि अचानक की गई बढ़ोतरी से एक गलत परंपरा की शुरुआत होगी तथा इसके प्रभाव से बढ़ाने वाली महंगाई से आम जनता प्रभावित होगी . नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप एवं महामंत्री धीरेंद्र चौधरी ने बताया अचानक कि गई बढ़ोतरी से उत्तर प्रदेश का उद्योग व व्यापार प्रभावित होगा हमारे यंहा के व्यापार लागत बढ़ने से नष्ट हो जाएगा.
उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष कमलेश चौधरी एवं जिला युवा संगठन महामंत्री सत्य प्रकाश दुबे और बाकी कोई पादरी ने बताया अनावश्यक रूप से ईंधन अधिभार के नाम पर बिजली के बिलों में की जा रही 10ः की बढ़ोतरी को समाप्त करने के आदेश पारित करे. धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने वालों में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी विकास शर्मा, पवन गुप्ता, ओम प्रकाश चौधरी, प्रवीण सिंह, अजय कनौजिया आदि शामिल रहे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है