बस्ती में निषाद पार्टी का प्रदर्शन, पुलिस पर अभद्रता और उत्पीड़न के आरोप

बस्ती में निषाद पार्टी का प्रदर्शन, पुलिस पर अभद्रता और उत्पीड़न के आरोप
बस्ती में निषाद पार्टी का प्रदर्शन, पुलिस पर अभद्रता और उत्पीड़न के आरोप

 बुधवार को निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष अशोक निषाद और प्रदेश महासचिव दीपू निषाद के नेतृत्व में 4 सूत्रीय मांगों को लेकर पदाधिकारी, कार्यकर्ता लालबहादुर शास्त्री चौक पर एकत्र हुये और प्रदर्शन करते हुये जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. मांग किया कि जनहित की समस्याओं का प्रभावी निस्तारण कराया जाय और जन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर थाना, पुलिस चौकी पहुंचने वाले कार्यकर्ताओ के उत्पीड़न की जगह उनकी बातों को सुनकर समाधान कराया जाय.

डीएम, एस.पी. को सम्बोधित ज्ञापन में कहा गया है कि विगत कुछ समय से क्षेत्र में बढ़ रही अपराधिक घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए चंदन निषाद हत्याकांड की प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष एवं गहन जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित कराया जाय, दुबौलिया थाना क्षेत्र के बरदिया लोहार क्षेत्र में संचालित अवैध बालू खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए. इन अवैध बालू खादानों के कारण गांव कटान पर होने के कारण बाढ आने पर गांव कभी भी नदी की मुख्य धारा में समाहित हो सकता है, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए ग्रामवासियों को इस समस्या से राहत दिलाया जाय,  

निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव  दीपू निषाद के नगर थाना पर पहुंचने के दौरान उनके साथ असम्मानजनक व्यवहार तथा थाना प्रभारी नगर एवं चौकी इंचार्ज करहली द्वारा अभद्रता किए जाने की घटना के कारण शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है.: संबंधित थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए,  निषाद पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को विभिन्न सरकारी विभागों में उचित सम्मान नहीं दिया जाता तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण भी नहीं किया जाता है, ऐसी स्थिति में  सभी विभागों को निर्देशित किया जाए कि जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए.

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ज्ञापन सौंपने के बाद निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष अशोक निषाद और प्रदेश महासचिव दीपू निषाद ने कहा कि पार्टी सरकार में शामिल है इसके बावजूद अधिकारी, थाना, पुलिस चौकी आदि मे  निषाद पार्टी पदाधिकारियों की बात तक सुनने को तैयार नहीं हैं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से  मनीषा निषाद, धर्मराज  निषाद, ज्ञान प्रकाश  निषाद, अनिल कुमार  निषाद, मिथलेश कुमार  निषाद, जमुना  निषाद, धनपत  निषाद, अजय कुमार  निषाद, प्रभात  निषाद, अजय निषाद, रोहन  निषाद, सी.पी.  निषाद, लुदड़ी  निषाद, राम सरन  निषाद, राम सुमेर  निषाद, राम प्रसाद  निषाद, रामवंदन निषाद, बेचन  निषाद, अर्जुन  निषाद, मोनू  निषाद, राम पराग, भीमसेन, रामजगत, फूलचन्द, राम अचल, विजय कुमार, इन्द्रावती  निषाद, रोहिणी  निषाद,  हरि प्रसाद साहनी, सोहन लाल  निषाद, वृजमोहन  निषाद आदि शामिल रहे. 

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bhartiyabasti.com
10 Jun 2026 By Vikas kumar

बस्ती में निषाद पार्टी का प्रदर्शन, पुलिस पर अभद्रता और उत्पीड़न के आरोप

 बुधवार को निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष अशोक निषाद और प्रदेश महासचिव दीपू निषाद के नेतृत्व में 4 सूत्रीय मांगों को लेकर पदाधिकारी, कार्यकर्ता लालबहादुर शास्त्री चौक पर एकत्र हुये और प्रदर्शन करते हुये जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. मांग किया कि जनहित की समस्याओं का प्रभावी निस्तारण कराया जाय और जन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर थाना, पुलिस चौकी पहुंचने वाले कार्यकर्ताओ के उत्पीड़न की जगह उनकी बातों को सुनकर समाधान कराया जाय.

डीएम, एस.पी. को सम्बोधित ज्ञापन में कहा गया है कि विगत कुछ समय से क्षेत्र में बढ़ रही अपराधिक घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए चंदन निषाद हत्याकांड की प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष एवं गहन जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित कराया जाय, दुबौलिया थाना क्षेत्र के बरदिया लोहार क्षेत्र में संचालित अवैध बालू खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए. इन अवैध बालू खादानों के कारण गांव कटान पर होने के कारण बाढ आने पर गांव कभी भी नदी की मुख्य धारा में समाहित हो सकता है, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए ग्रामवासियों को इस समस्या से राहत दिलाया जाय,  

निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव  दीपू निषाद के नगर थाना पर पहुंचने के दौरान उनके साथ असम्मानजनक व्यवहार तथा थाना प्रभारी नगर एवं चौकी इंचार्ज करहली द्वारा अभद्रता किए जाने की घटना के कारण शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है.: संबंधित थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए,  निषाद पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को विभिन्न सरकारी विभागों में उचित सम्मान नहीं दिया जाता तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण भी नहीं किया जाता है, ऐसी स्थिति में  सभी विभागों को निर्देशित किया जाए कि जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए.

ज्ञापन सौंपने के बाद निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष अशोक निषाद और प्रदेश महासचिव दीपू निषाद ने कहा कि पार्टी सरकार में शामिल है इसके बावजूद अधिकारी, थाना, पुलिस चौकी आदि मे  निषाद पार्टी पदाधिकारियों की बात तक सुनने को तैयार नहीं हैं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से  मनीषा निषाद, धर्मराज  निषाद, ज्ञान प्रकाश  निषाद, अनिल कुमार  निषाद, मिथलेश कुमार  निषाद, जमुना  निषाद, धनपत  निषाद, अजय कुमार  निषाद, प्रभात  निषाद, अजय निषाद, रोहन  निषाद, सी.पी.  निषाद, लुदड़ी  निषाद, राम सरन  निषाद, राम सुमेर  निषाद, राम प्रसाद  निषाद, रामवंदन निषाद, बेचन  निषाद, अर्जुन  निषाद, मोनू  निषाद, राम पराग, भीमसेन, रामजगत, फूलचन्द, राम अचल, विजय कुमार, इन्द्रावती  निषाद, रोहिणी  निषाद,  हरि प्रसाद साहनी, सोहन लाल  निषाद, वृजमोहन  निषाद आदि शामिल रहे. 

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है