शिक्षक करा रहे हैं श्रमिकों को भोजन, जलपान
संघ अध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने कहा कि सड़क पर श्रमिकों की संख्या में कुछ कमी आई है. अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी घर वापस आये श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने की है जिससे इस श्रम शक्ति का रचनात्मक उपयोग हो सके. महामंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा कि शिक्षकों ने लगातार जिस प्रकार से श्रमिकों की संकट के समय निःस्वार्थ सेवा किया है वह अनुकरणीय है.
कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, जिला उपाध्यक्ष सुधीर तिवारी, डा. संजय सिंह, राजकीय कन्या इण्टर कालेज की प्रधानाचार्य नीलम सिंह, श्रीमती सीता गुप्ता, चन्द्रमा कौशिक पाण्डेय प्रधानाचार्य, स्काउट के कुलदीप सिंह, शिव बहादुर सिंह, हरेन्द्र सिंह, विद्याधर वर्मा, घनश्याम सिंह, आनन्द श्रीवास्तव आदि ने श्रमिकांे की सेवा करते हुये कहा कि कोरोना ने जिस प्रकार का संकट पैदा किया है उसका परस्पर समन्वय से मुकाबला करना होगा.
यह भी पढ़ें: कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार: मेट्रो टनल तैयार, यात्रियों को जल्द मिलेगी सुविधाश्रमिकांे को फलाहार और जलपान कराने वालों में मुख्य रूप से अविनाश दूबे, सतीश यादव, मनोज उपाध्याय, सन्तोष भट्ट, राकेश प्रताप सिंह, अनिल पाण्डेय, उमाकान्त शुक्ल, पवन यादव, सत्या पाण्डेय, सुरेश गौड़, सुनील मिश्र, हरेन्द्र यादव, वी.पी. आनन्द आदि ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुये सेवा में योगदान दिया.
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