बस्ती में जिला कारागार में सजा काट रहे छ: क़ैदी आज़ादी के अमृत महोत्सव पर होंगे रिहा
साठ फ़ीसदी सजा काट चुकी एक महिला समेत छ:क़ैदियों की समय पूर्व रिहाई का रास्ता साफ़
Basti News: आज़ादी की पचहत्तरवीं सालगिरह पर आयोजित अमृत महोत्सव पर साठ फ़ीसदी सजा काट चुकी एक महिला समेत छ:क़ैदियों की समय पूर्व रिहाई का रास्ता फ़िलहाल साफ़ हो गया है जनपद के कारागार प्रशासन द्वारा एक महिला समेत छ: कैदियों का प्रस्ताव बनाकर समयपूर्व रिहाई के लिए शासन में भेजा गया है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सजायाफ्ता जिन क़ैदियों ने छाछठ फ़ीसदी सजा जेल में काट ली है
तथा 16 वर्ष की अपरिहार्य और 20 वर्ष की सपरिहार्य सजा पूरी कर ली है एैसे क़ैदी को प्रतिबंधित श्रेणी से बाहर रखने पर रिहाई के लिए उपयुक्त माना गया है. वहीं पहले की 60 वर्ष की आयु पूरी करने की शर्त हटा ली गई है. संशोधित नीति में एक बिंदु जोड़ा गया है. जिसमें स्थाई नीति के तहत आजीवन कारावास की सजा से दंडित सिद्धदोष बंदी जिनकी समय पूर्व रिहाई से लोक व्यवस्था व जनहित प्रवाहित हो सकता है,
यह भी पढ़ें: बस्ती: डॉ. वीके वर्मा को अस्पताल में किया नजरबंद, नियमितीकरण और समान वेतन के लिए लखनऊ जा रहे थेउसकी रिहाई का प्रस्ताव समिति द्वारा निरस्त करा दिया जाएगा. उन्होंने कहाकि प्रतिबंधित शर्तों में 16 बिंदु है. इनमें से कोई भी एक बिंदु कैदी पर लागू होने की दशा में रिहाई पर विचार नहीं हो सकेगा .श्री सिंह ने बताया कि जिला जेल में सजायफ्ता पौने तीन सौ क़ैदियों में से पात्र पाए गए. एक महिला व पाँच सजायफ्ता पुरूष कैदियों के नाम का प्रस्ताव बनाकर शासन भेजा गया है. उम्मीद है आज़ादी की पचहत्तरवीं सालगिरह अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर शासन से आदेश मिलते ही रिहा कर दिया जाएगा.
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