नेताओं, पुलिस और खनन विभाग के गठजोड़ ने बस्ती में बालू माफियाओं के हौसले किए बुलंद

कलवारी थाना क्षेत्र के माझाकला, फूलपुर, रामनगर में अवैध खनन

नेताओं, पुलिस और खनन विभाग के गठजोड़ ने बस्ती में बालू माफियाओं के हौसले किए बुलंद
balu khanan basti news

संवाददाता-बस्ती. अवैध बालू का खनन आने वाले दिनों में सरयू के किनारे बसे लोगो के लिए तबाही का कारण बनेगा. अवैध बालू के खनन को देखते हुए कटान की आशंका से सरयू के तटवर्ती इलाको में बसे ग्रामीण अभी से कटान को लेकर आशंकित हैं. जनपद में अवैध बालू खनन का काला कारोबार चल रहा है. जेसीबी लगाकर अवैध रूप से सरयू से बालू का खनन कराया जा रहा है. इस अवैध खनन के चलते नदी की कटान का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन बालू माफिया, सफेदपोश और पुलिस की तिकड़ी के संरक्षण में चल रहे अवैध बालू खनन के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रहा है.

कलवारी थाना क्षेत्र के माझाकला, फूलपुर, रामनगर में अवैध खनन के साथ ही जनपद में कई स्थानों पर बालू का भण्डारण कर बालू माफियाओं ने बालू के पहाड खड़े कर लिए है. माझा कला में लगभग 1200 बीघा वन विभाग की भूमि है जहां पौधरोपण भी किया गया है. ठीक इसके बगल में कृषियोग्य भूमि है जहां अवैध रूप से खनन कार्य हो रहा है. पिछले वर्ष कटान की वजह से बालू आने के कारण बालू माफिया यहां सबसे ज्यादा सक्रिय हैं. यहां जेसीबी लगाकर बेखौफ बालू की खुदाई का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है. जानकारों की मानें तो जहां से बालू खनन किया जा रहा है वहीं से कुछ दूरी पर कृषियोग्य भूमि पर तीन माह का पट्टा किया गया था. जिसमे फावड़ा कुदाल के सहारे खुदाई करने का नियम है. लेकिन बालू माफिया जेसीबी लगाकर बालू की खुदाई में जुटे हुए है.

सफेदपोश, पुलिस और खनन विभाग के गठजोडृ ने बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कर दिये है कि माझा कला में ही पुराने पीपे के पुल के पास सरयू की धार में लिफ्टर मशीन के सहारे बालू खीच कर नदी के तट पर लाया जा रहा है और डम्परों में लाद कर उसे अलग अलग जगहो पर जमा किया जा रहा है.

UP में 1.65 करोड़ से बना पीपा पुल, अब 25 KM कम होगा सफर यह भी पढ़ें: UP में 1.65 करोड़ से बना पीपा पुल, अब 25 KM कम होगा सफर

बालू खुदाई के लिए निर्धारित स्थान से खुदाई न करते हुए बालू माफिया सरयू नदी के जिस हिस्से से चाह रहे है खुदाई कर रहे हैं. क्षेत्रीय ग्रामीणों की माने तो बालू लदे डम्फरों के रात दिन बालू ढुलाई के कारण एक तरफ सड़कें टूट रही है तो दूसरी ओर अवैध खनन के चलते सरयू के विकराल रूप लेने से गांव में तबाही की भी आशंका बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि सरयू ने जब भी विकराल रूप तो गांव में तबाही आ सकती है.

जेवर एयरपोर्ट: पीएम मोदी का सपा पर तंज, “डरते थे नोएडा आने से” यह भी पढ़ें: जेवर एयरपोर्ट: पीएम मोदी का सपा पर तंज, “डरते थे नोएडा आने से”

यूपी के देवरिया में छापा, 3500 लीटर अवैध डीजल बरामद, दो पर FIR यह भी पढ़ें: यूपी के देवरिया में छापा, 3500 लीटर अवैध डीजल बरामद, दो पर FIR

मानक के विपरीत नियमों को तार-तार कर बालू का अवैध खनन पर जहां खनन विभाग ने आंख बंद कर रखी है. वही बताया जाता है कि सत्ता पक्ष से जुड़े एक सफेदपोश और पुलिस के संरक्षण बालू माफियाओ के हौसले को ताकत दे रहे है. जनपद में पिछले वर्ष भी बालू डम्प करने नीलामी कराने एवं जुर्माना लगाने और फिर बालू बेचने का खेल हो चुका है. प्रशासन की अनुकम्पा और सत्ता के संरक्षण में बालू माफिया खनन कानून और प्रकृति की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
03 Jun 2021 By Jitendra Kaushal Singh

नेताओं, पुलिस और खनन विभाग के गठजोड़ ने बस्ती में बालू माफियाओं के हौसले किए बुलंद

कलवारी थाना क्षेत्र के माझाकला, फूलपुर, रामनगर में अवैध खनन

संवाददाता-बस्ती. अवैध बालू का खनन आने वाले दिनों में सरयू के किनारे बसे लोगो के लिए तबाही का कारण बनेगा. अवैध बालू के खनन को देखते हुए कटान की आशंका से सरयू के तटवर्ती इलाको में बसे ग्रामीण अभी से कटान को लेकर आशंकित हैं. जनपद में अवैध बालू खनन का काला कारोबार चल रहा है. जेसीबी लगाकर अवैध रूप से सरयू से बालू का खनन कराया जा रहा है. इस अवैध खनन के चलते नदी की कटान का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन बालू माफिया, सफेदपोश और पुलिस की तिकड़ी के संरक्षण में चल रहे अवैध बालू खनन के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रहा है.

कलवारी थाना क्षेत्र के माझाकला, फूलपुर, रामनगर में अवैध खनन के साथ ही जनपद में कई स्थानों पर बालू का भण्डारण कर बालू माफियाओं ने बालू के पहाड खड़े कर लिए है. माझा कला में लगभग 1200 बीघा वन विभाग की भूमि है जहां पौधरोपण भी किया गया है. ठीक इसके बगल में कृषियोग्य भूमि है जहां अवैध रूप से खनन कार्य हो रहा है. पिछले वर्ष कटान की वजह से बालू आने के कारण बालू माफिया यहां सबसे ज्यादा सक्रिय हैं. यहां जेसीबी लगाकर बेखौफ बालू की खुदाई का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है. जानकारों की मानें तो जहां से बालू खनन किया जा रहा है वहीं से कुछ दूरी पर कृषियोग्य भूमि पर तीन माह का पट्टा किया गया था. जिसमे फावड़ा कुदाल के सहारे खुदाई करने का नियम है. लेकिन बालू माफिया जेसीबी लगाकर बालू की खुदाई में जुटे हुए है.

सफेदपोश, पुलिस और खनन विभाग के गठजोडृ ने बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कर दिये है कि माझा कला में ही पुराने पीपे के पुल के पास सरयू की धार में लिफ्टर मशीन के सहारे बालू खीच कर नदी के तट पर लाया जा रहा है और डम्परों में लाद कर उसे अलग अलग जगहो पर जमा किया जा रहा है.

बालू खुदाई के लिए निर्धारित स्थान से खुदाई न करते हुए बालू माफिया सरयू नदी के जिस हिस्से से चाह रहे है खुदाई कर रहे हैं. क्षेत्रीय ग्रामीणों की माने तो बालू लदे डम्फरों के रात दिन बालू ढुलाई के कारण एक तरफ सड़कें टूट रही है तो दूसरी ओर अवैध खनन के चलते सरयू के विकराल रूप लेने से गांव में तबाही की भी आशंका बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि सरयू ने जब भी विकराल रूप तो गांव में तबाही आ सकती है.

मानक के विपरीत नियमों को तार-तार कर बालू का अवैध खनन पर जहां खनन विभाग ने आंख बंद कर रखी है. वही बताया जाता है कि सत्ता पक्ष से जुड़े एक सफेदपोश और पुलिस के संरक्षण बालू माफियाओ के हौसले को ताकत दे रहे है. जनपद में पिछले वर्ष भी बालू डम्प करने नीलामी कराने एवं जुर्माना लगाने और फिर बालू बेचने का खेल हो चुका है. प्रशासन की अनुकम्पा और सत्ता के संरक्षण में बालू माफिया खनन कानून और प्रकृति की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

https://bhartiyabasti.com/basti-news-live-in-hindi/illegal-sand-mining-continues-in-basti-uttar-pradesh/article-6532
On

About The Author

Jitendra Kaushal Singh Picture

जितेंद्र कौशल सिंह भारतीय बस्ती के पत्रकार हैं. शुरुआती शिक्षा दीक्षा बस्ती जिले से ही करने वाले  जितेंद्र  खेती, कृषि, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर खबरें लिखते हैं.