स्थापना दिवस विशेष: 'पत्रकारिता की दिशा बदलने में भारतीय बस्ती की महती भूमिका'

स्थापना दिवस विशेष: 'पत्रकारिता की दिशा बदलने में भारतीय बस्ती की महती भूमिका'
bhartiya basti sthapana diwas 2022 (7)

बैजनाथ मिश्र. 
दैनिक भारतीय बस्ती ने पत्रकारिता की दिशा बदली और ऊंचाइयों के नए आयाम को हासिल किया. दैनिक भारतीय बस्ती की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण ताकत उसका पाठक वर्ग है.  दैनिक भारतीय बस्ती अपने पाठकों के हित को सर्वोपरि रखते हुए 43 वर्ष का सफर पूर्ण किया है. उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि पाठकों के विश्वास रूपी ताकत दैनिक भारतीय बस्ती परिवार के साथ भविष्य में यूं ही बनाए रखेगी.  दैनिक भारतीय बस्ती परिवार उन सबका धन्यवाद करता है जिन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अच्छे और विषम समय में साथ दिया .

समाचार पत्र समाज को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं. समाचार पत्र सरकार और लोगों के बीच जुड़ाव के सबसे अच्छा माध्यम है, जिससे सरकारी नीतियों एवं विकास कार्यक्रमों को आमजन तक पहुंचाने में सफलता मिली है. शासन-प्रशासन को जनसमस्याओं को हल करने में समाचार पत्रों से सहयोग प्राप्त होता है. दैनिक समाचार पत्र दैनिक भारतीय बस्ती देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की अपेक्षाओं और दायित्वों को पूर्ण करने में सफल रहा है. नागरिकों को साकारात्मक पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित किए ,लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकाधिक भागीदारी के लिए प्रेरित किया है.

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दैनिक समाचार पत्र दैनिक भारतीय बस्ती नागरिकों को नियमों, कानूनों, कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में जागरूक बनाने में अहम भूमिका निभायी है. यह समाचार पत्र विद्यार्थियों, महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग और क्षेत्र के नागरिकों में समान रूप से लोकप्रिय है. क्योंकि समाचार पत्र में उनसे जुड़े हर पहलुओं पर सामग्री का प्रकाशन होता है. दैनिक परिशिष्टों के माध्यम से पाठकों को सुरूचिपूर्ण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है. दैनिक भारतीय बस्ती समाचार पत्र बस्ती मण्डल मुख्यालय से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में प्रमुख समाचार पत्र है.  देश, प्रदेश और  महानगरो की गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विचारों, घटनाओं आदि से संबंधित तथ्यपरख जानकारियां पाठकों की जिज्ञासा का समाधान करती है. समाचार पत्र अध्यात्म, विकास, तकनीक, शोध, पर्यावरण आदि सामयिक विषयों पर महत्वपूर्ण ज्ञान पाठकों को उपलब्ध कराता है.

आज  दैनिक भारतीय बस्ती  ने अपने सफल प्रकाशन के 43 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं. निष्पक्षता, निडरता और तथ्यपरक खबरों के लिए अखबार अग्रणी रहा है. इस समाचार पत्र ने समाज को नई दिशा दी है. 

दैनिक भारतीय बस्ती 43 साल से बस्ती  संस्करण,  तथा 2012 से फैज़ाबाद( अयोध्या)  संस्करण द्वारा देश  प्रदेश की जनता को अपडेट रख रहा है. विश्वनीयता के दौर का नया रूप  भारतीय बस्ती ने प्रस्तुत किया है. दैनिक भारतीय बस्ती ने लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ का रोल बेहतर तरीके से निभा रहा है. सदैव समाज को सच्चाई से अवगत कराते रहें है.

वर्ष 2010 में मेरे मन में आया कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आया जाय क्यों की पत्रकारिता के द्वारा लोगो की मदद सहजता से किया जा सकता है. मैंने अपने एक करीबी पत्रकार मित्र अरविन्द श्रीवास्तव (अब स्मृति शेष) से कहा कि भैया मुझे भी पत्रकार बनना है तो उन्हों ने कहा ठीक है और उन्हों ने मुझे दैनिक भारतीय बस्ती के कार्यालय भेजा वहाँ पहुच कर मैने पत्र के संयुक्त संपादक प्रदीप चंद्र पाण्डेय को प्रणाम किया  और उन्ही के मार्गदर्शन में पत्रकारिता का ककहरा सीखना शुरू किया. मेरे द्वारा लिखे गए समाचार /लेख आदि में मुझे आप ने बहुत बार टोका और परिमार्जित किया.

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संपादक जी की एक बात मुझे सदैव स्मरण रहती है , कि खबर सच हो, प्रमाणिक हो तथा जनहित से जुड़ा हो. आज दैनिक भारतीय बस्ती का बेव संस्करण आ चुका है . भारतीय बस्ती ने अपने को समय के साथ अपडेट रखते हुए, भारतीय बस्ती पोर्टल, भारतीय बस्ती यू-ट्यूब चैनल के साथ मीडिया जगत में सक्रिय है. मुझे भारतीय बस्ती ने बहुत कुछ सिखाया है जिसके लिये मुझे गर्व है. भारतीय बस्ती की निरंतर सफलता से प्रकाशन के लिए मैं संस्थापक संपादक दिनेश चंद्र पाण्डेय व् संयुक्त संपादक प्रदीप चंद्र पाण्डेय को बधाई देता हूँ और भारतीय बस्ती नित नवीन कलेवर में पाठकों के बीच लोक प्रिय बना रहे ऐसी शुभकामना देता हूँ.

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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है