बस्ती में जमीन कब्जे का आरोप, दिव्यांग ने एसपी से लगाई गुहार, डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के मंगलबाजार निवासी प्रमोद चौबे ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर मौजा बस्ती खास स्थित अपनी हिस्सेदारी की भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायत की है. प्रमोद चौबे पुत्र स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद चौबे ने एसपी को दिये पत्र में कहा है कि मौजा बस्ती खास के गाटा संख्या 2037 एवं 2041 में वह सहखातेदार हैं.
डॉक्टर पर ज्यादा निर्माण कराने की शिकायत
उनके अनुसार सह खातेदार डॉ. तनवीर अहमद द्वारा अपने हिस्से से अधिक भूमि पर निर्माण कार्य कराकर कब्जा किया जा रहा है. शिकायतकर्ता का कहना है कि भूमि की पैमाइश के दौरान संबंधित लेखपाल ने भी निर्माण को निर्धारित हिस्से से अधिक बताया, लेकिन आरोपित पक्ष रिपोर्ट मानने को तैयार नहीं है.
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब वह अपने सहयोगियों के साथ निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे तो उनके साथ गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया. शिकायतकर्ता ने स्वयं को आर्थिक रूप से कमजोर एवं दिव्यांग बताते हुए कहा कि इलाज के सिलसिले में बाहर रहने के दौरान उनकी भूमि पर निर्माण कराया गया.
यह भी पढ़ें: बस्ती में होटल, कोचिंग और अस्पतालों की होगी फायर सेफ्टी जांच! कारवां फाउंडेशन ने DM को सौंपा ज्ञापनप्रमोद चौबे ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अवैध कब्जा हटवाने तथा उनकी भूमि उन्हें दिलाए जाने की मांग की है. फिलहाल मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रतीक्षा है.
बस्ती में जमीन कब्जे का आरोप, दिव्यांग ने एसपी से लगाई गुहार, डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के मंगलबाजार निवासी प्रमोद चौबे ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर मौजा बस्ती खास स्थित अपनी हिस्सेदारी की भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायत की है. प्रमोद चौबे पुत्र स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद चौबे ने एसपी को दिये पत्र में कहा है कि मौजा बस्ती खास के गाटा संख्या 2037 एवं 2041 में वह सहखातेदार हैं.
डॉक्टर पर ज्यादा निर्माण कराने की शिकायत
उनके अनुसार सह खातेदार डॉ. तनवीर अहमद द्वारा अपने हिस्से से अधिक भूमि पर निर्माण कार्य कराकर कब्जा किया जा रहा है. शिकायतकर्ता का कहना है कि भूमि की पैमाइश के दौरान संबंधित लेखपाल ने भी निर्माण को निर्धारित हिस्से से अधिक बताया, लेकिन आरोपित पक्ष रिपोर्ट मानने को तैयार नहीं है.
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब वह अपने सहयोगियों के साथ निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे तो उनके साथ गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया. शिकायतकर्ता ने स्वयं को आर्थिक रूप से कमजोर एवं दिव्यांग बताते हुए कहा कि इलाज के सिलसिले में बाहर रहने के दौरान उनकी भूमि पर निर्माण कराया गया.
प्रमोद चौबे ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अवैध कब्जा हटवाने तथा उनकी भूमि उन्हें दिलाए जाने की मांग की है. फिलहाल मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रतीक्षा है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है