बस्ती में धूमधाम से मनाया गया चालीहा महोत्सव, शोभायात्रा में उमड़ा सिंधी समाज
भगवान झूलेलाल साईं जी के प्रति आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत चालीहा महोत्सव का आयोजन धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया. 18 जुलाई से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन 27 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों के साथ चला. महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक एवं सेवा कार्यों को भी विशेष स्थान दिया गया, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की. महोत्सव के अंतर्गत बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता कार्यक्रम आयोजित किए गए. इनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. आयोजन का उद्देश्य बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता और सहभागिता की भावना विकसित करना रहा. बच्चों की प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया.
इसके बाद साईं रविदास द्वारा भव्य भजन कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. भजन संध्या में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए. धार्मिक भजनों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता कर भगवान झूलेलाल साईं जी का आशीर्वाद प्राप्त किया. महोत्सव के अंतिम दिन रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. सामाजिक सेवा की भावना से आयोजित इस शिविर में समाज के 18 लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया. आयोजकों ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया. धार्मिक आयोजन के साथ सेवा कार्य को जोड़कर समाज को मानवता और परोपकार का संदेश दिया गया.
चालीहा महोत्सव का समापन 27 अगस्त को आरती-पूजन के साथ हुआ. इसके बाद भगवान झूलेलाल साईं जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा थाना पुरानी बस्ती, मंगल बाजार, दक्षिण दरवाजा, रोडवेज एवं गांधी नगर होते हुए अमहट घाट पहुंची. शोभायात्रा में धार्मिक आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला.
शोभायात्रा में ऊंट, हाथी, डीजे और बग्घी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे. भगवान झूलेलाल साईं जी की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही. इस दौरान सिंधी समाज के 300 से अधिक महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ शोभायात्रा में हिस्सा लिया. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान झूलेलाल साईं जी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा.
आयोजकों ने बताया कि मेले और शोभायात्रा के सफल संचालन में प्रशासनिक सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा. प्रशासन एवं पुलिस की व्यवस्था के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुआ. अमहट घाट पहुंचने के बाद भगवान झूलेलाल साईं जी की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया गया. विसर्जन के पश्चात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आयोजित विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया.
महोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना का भी संदेश दिया गया. बच्चों की प्रतियोगिताओं से लेकर भजन संध्या, रक्तदान शिविर, शोभायात्रा और भंडारे तक प्रत्येक आयोजन में समाज की सक्रिय भागीदारी रही. आयोजकों ने सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, प्रशासनिक अधिकारियों तथा समाज के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम में प्रमुख रूप पुरुषोत्तम फतवानी (मुखिया), भगवान दास पहुजानी (उपमुखिया), जीतू वाधवानी, विमल सावधानी, पंकज फतवानी, गुरुदास वाधवानी, सुरेश (कचहरी), अनिल कालानी, कुमार खियलानी, मनोहर लाल, अनिल खियलानी, सुरेश ‘सोनू’ लखमानी, दीपक ‘दीपू’ आहूजा, कालू विशनानी, नितिन वालैचा, शिखर सावलाानी, हितेश विशनानी, बृजेश आनंद, संदीप लखमानी, अजय लखमानी, अनु चिरवानी, सरिता फतवानी, रेनू वाधवानी एवं माला सावधानी के साथ ही सिन्धी समाज और समाज के विभिन्न वर्गो के लोेग, जन प्रतिनिधि शामिल रहे.
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