धान की रोपाई को लेकर खूनी बवाल! खेत में परिवार पर हमला, वीडियो वाला मोबाइल भी छीना
पैकोलिया थाना क्षेत्र के मुईली गांव में पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पीड़िता लक्ष्मी देवी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि खेत की जुताई और धान की रोपाई को लेकर हुए विवाद में विपक्षियों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की, जिसमें पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके बेटे और बेटी को भी चोटें आईं. मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी न होने पर शिवसेना ने नाराजगी जताई है.
पीड़िता लक्ष्मी देवी पत्नी छोटेलाल ने बताया कि उनके पति छोटेलाल और उनके तीन भाइयों मंगल प्रसाद, महेश कुमार तथा रामसुरेश के बीच पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. गत 7 जुलाई की शाम करीब पांच बजे गाटा संख्या 125 व 642 में जगदीन, राहुल पुत्रगण मंगल प्रसाद, रामसुरेश पुत्र फागू तथा पूजा पुत्री मंगल प्रसाद जबरन खेत की जुताई कराकर धान की रोपाई करा रहे थे. इसे रोकने पहुंचे उनके बेटे विशाल और बेटी रोशनी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई. विशाल ने फोन कर घटना की सूचना अपने माता-पिता को दी, जो उस समय किसी अन्य मामले में थाने पर मौजूद थे.
पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने पति के साथ खेत पर पहुंचीं तो विपक्षियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया. शोर सुनकर आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए. मारपीट में लक्ष्मी देवी और उनके पति को गंभीर चोटें आईं, जबकि बेटे विशाल और बेटी रोशनी को हल्की चोटें आईं. घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया में भर्ती कराया गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके बेटे विशाल का मोबाइल फोन भी छीन लिया, जिसमें घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद थी.
यह भी पढ़ें: बस्ती में ₹3.5 करोड़ से बदलेगी इस इलाके की तस्वीर! सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट का बड़ा तोहफामामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. इस प्रकरण पर शिवसेना जिला प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि पीड़ित परिवार संगठन के पदाधिकारी हैं. यदि संगठन के पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. संगठन की मांग है कि सभी नामजद आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए. शिवसेना जिला प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि दोषी गिरफ्तार न हुये तो शिवसेना आन्दोलन को बाध्य होगी.
पीड़ित परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार धमकियां दे रहे हैं. इस दौरान सोनी सिंह, दीप्ति सिंह, मूराती देवी, गीता देवी, फूलमती, हरिश्चंद्र सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे.
धान की रोपाई को लेकर खूनी बवाल! खेत में परिवार पर हमला, वीडियो वाला मोबाइल भी छीना
पैकोलिया थाना क्षेत्र के मुईली गांव में पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पीड़िता लक्ष्मी देवी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि खेत की जुताई और धान की रोपाई को लेकर हुए विवाद में विपक्षियों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की, जिसमें पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके बेटे और बेटी को भी चोटें आईं. मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी न होने पर शिवसेना ने नाराजगी जताई है.
पीड़िता लक्ष्मी देवी पत्नी छोटेलाल ने बताया कि उनके पति छोटेलाल और उनके तीन भाइयों मंगल प्रसाद, महेश कुमार तथा रामसुरेश के बीच पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. गत 7 जुलाई की शाम करीब पांच बजे गाटा संख्या 125 व 642 में जगदीन, राहुल पुत्रगण मंगल प्रसाद, रामसुरेश पुत्र फागू तथा पूजा पुत्री मंगल प्रसाद जबरन खेत की जुताई कराकर धान की रोपाई करा रहे थे. इसे रोकने पहुंचे उनके बेटे विशाल और बेटी रोशनी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई. विशाल ने फोन कर घटना की सूचना अपने माता-पिता को दी, जो उस समय किसी अन्य मामले में थाने पर मौजूद थे.
पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने पति के साथ खेत पर पहुंचीं तो विपक्षियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया. शोर सुनकर आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए. मारपीट में लक्ष्मी देवी और उनके पति को गंभीर चोटें आईं, जबकि बेटे विशाल और बेटी रोशनी को हल्की चोटें आईं. घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया में भर्ती कराया गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके बेटे विशाल का मोबाइल फोन भी छीन लिया, जिसमें घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद थी.
मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. इस प्रकरण पर शिवसेना जिला प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि पीड़ित परिवार संगठन के पदाधिकारी हैं. यदि संगठन के पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. संगठन की मांग है कि सभी नामजद आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए. शिवसेना जिला प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि दोषी गिरफ्तार न हुये तो शिवसेना आन्दोलन को बाध्य होगी.
पीड़ित परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार धमकियां दे रहे हैं. इस दौरान सोनी सिंह, दीप्ति सिंह, मूराती देवी, गीता देवी, फूलमती, हरिश्चंद्र सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है