बस्ती के चर्चित दलित बच्ची केस में हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, डीएम-एसपी को आयोग का नोटिस
थाना लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में पांच वर्षीय दलित बच्ची से कथित दुष्कर्म एवं हत्या के बहुचर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. भीम युवा वाहिनी संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मामले में व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, करीब 14 माह पूर्व हुई इस घटना में संगठन का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
संगठन का कहना है कि लगातार पैरवी और न्यायालय में उठाए गए प्रयासों के बाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए 30 जुलाई 2026 को डीजीपी को निर्देश जारी किए. विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी उचित कार्रवाई करने तथा तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. संगठन का यह भी दावा है कि मामले की निगरानी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू राव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमानदीन वर्मा की देखरेख में की जा रही है.
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग (भारत सरकार) ने भी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, बस्ती को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर संबंधित प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. भीम युवा वाहिनी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू राव ने हाईकोर्ट एवं राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए न्याय मिलने की उम्मीद जताई है.
बस्ती के चर्चित दलित बच्ची केस में हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, डीएम-एसपी को आयोग का नोटिस
थाना लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में पांच वर्षीय दलित बच्ची से कथित दुष्कर्म एवं हत्या के बहुचर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. भीम युवा वाहिनी संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मामले में व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, करीब 14 माह पूर्व हुई इस घटना में संगठन का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
संगठन का कहना है कि लगातार पैरवी और न्यायालय में उठाए गए प्रयासों के बाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए 30 जुलाई 2026 को डीजीपी को निर्देश जारी किए. विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी उचित कार्रवाई करने तथा तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. संगठन का यह भी दावा है कि मामले की निगरानी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू राव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमानदीन वर्मा की देखरेख में की जा रही है.
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग (भारत सरकार) ने भी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, बस्ती को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर संबंधित प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. भीम युवा वाहिनी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू राव ने हाईकोर्ट एवं राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए न्याय मिलने की उम्मीद जताई है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है