कैली अस्पताल में मिले नरकंकाल के मामले में बस्ती पुलिस ने लिया अहम फैसला
OPEC Kaili Hospital के जिस हिस्से में मिला नरकंकाल वहां कोई 24 साल से गया ही नहीं!
ओपेक हॉस्पिटल कैली के आर्थोपेडिक वार्ड के पास लगी दो लिफ्ट में इन दिनों मरम्मत का काम चल रहा है. बुधवार शाम मजदूरों ने नर कंकाल देखा. आनन- फानन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर मनोज कुमार को सूचना दी गई. प्राचार्य की सूचना पर थोड़ी ही देर में एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, कोतवाल शिवाकांत मिश्रा, सोनूपार चौकी इंचार्ज राम भवन प्रजापति व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. मौके पर पाया गया कि मृतक के शव का अधिकांश हिस्सा कंकाल में बदल चुका है. नरकंकाल से मिले कुछ कपड़ों और एक बैग को भी साक्ष्य के तौर पर एकत्र किया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है.
हॉस्पिटल सूत्रों के मुताबिक 1997 के आसपास से लिफ्ट का यह हिस्सा पूरी तरह से पैक था. बंद पड़े उस हिस्से में कभी कोई नहीं गया. ऐसे में माना जा रहा है कि उसी समय का यह शव होगा. एएसपी ने बताया कि उस दौर के गुमशुदगी के दर्ज मुकदमों को भी खंगाला जा रहा है, जिससे मृतक की पहचान को सामने लाया जा सके.
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ओपेक चिकित्सालय में मरम्मत का काम चल रहा है. बंद पड़ी लिफ्ट को भी बदला जाना है. काम करते हुए कुछ श्रमिकों ने लिफ्ट को खोलकर नीचे देखा तो उसमें एक नरकंकाल फंसा था. यह देखकर श्रमिक डर गए और अस्पताल के लोगों को जानकारी दी. थोड़ी ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार की ओर से यह जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई. पुलिस ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नरकंकाल महिला का है पुरुष का. इन सब का पता जांच के बाद ही चलेगा.
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