Basti News: सेन्ट्रल एकेडमी में उल्लास के साथ मनाया गया मदर्स डे
शनिवार को सेन्ट्रल एकेडमी सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में मदर्स डे उत्साह और संकल्पो के साथ मनाया गया. इस अवसर पर छात्रों की माताओं को विद्याल परिवार की ओर से सम्मानित किया गया. निदेशक जे.पी. तिवारी, प्रधानाचार्य दीपिका तिवारी, सहायक निदेशक अनुज तिवारी ने कहा कि एना जार्विस को मदर्स डे की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है.
उन्होंने अपनी मां के निधन के बाद उनके सम्मान में एक खास दिन मनाने की पहल की. एना चाहती थीं कि सभी लोग अपनी मां के प्यार और त्याग को सम्मान दें. इसी सोच ने बाद में मदर्स डे का रूप ले लिया. अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने साल 1914 में मदर्स डे को आधिकारिक मान्यता दी. इसके बाद इसे राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया. धीरे-धीरे यह परंपरा दुनिया के कई देशों में फैल गई और आज भारत समेत अनेक देशों में यह दिन बड़े उत्साह से मनाया जाता है. कहा कि मां का स्थान पूरी सृष्टि में सर्वोच्च है.
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों ने मां पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मन मोह लिया. संदेश दिया कि संसार में मां का स्थान सर्वोच्च है. अरवी, प्रियांशी, वरूण, कार्तिक, रूद्रांश, श्रुति यादव, शिवा मद्धेशिया, मानस गुप्ता, अजीत कुमार, आरूषि यादव, अद्विक यादव, अभय चौधरी, अनाया गुप्ता, अभिनव कुमार, श्रेष्ठ वर्मा, श्रेया गुप्ता, अक्षत सिंह, नव्या मिश्र, अस्तित्व सिंह, अंजू, नित्या, अर्शिया, राजश्री तिवारी आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. इस अवसर पर माताओं ने अपने अनुभव साझा किये. कार्यक्रम में छात्रों और उनकी माताओं में पुरस्कार वितरित किया गया.
इस अवसर पर मुख्य रूप से आबिद अरशद, प्रियंका त्रिपाठी, ए.के. मिश्र, रानी, श्रेया, द्विवेदी, अंजली, सुधा गौड़, शम्स परवेज, अंजली, रूचि, फिजा अकरम, फिजा युनूस आदि ने छात्रों कोे मदर्स डे के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
Basti News: सेन्ट्रल एकेडमी में उल्लास के साथ मनाया गया मदर्स डे
शनिवार को सेन्ट्रल एकेडमी सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में मदर्स डे उत्साह और संकल्पो के साथ मनाया गया. इस अवसर पर छात्रों की माताओं को विद्याल परिवार की ओर से सम्मानित किया गया. निदेशक जे.पी. तिवारी, प्रधानाचार्य दीपिका तिवारी, सहायक निदेशक अनुज तिवारी ने कहा कि एना जार्विस को मदर्स डे की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है.
उन्होंने अपनी मां के निधन के बाद उनके सम्मान में एक खास दिन मनाने की पहल की. एना चाहती थीं कि सभी लोग अपनी मां के प्यार और त्याग को सम्मान दें. इसी सोच ने बाद में मदर्स डे का रूप ले लिया. अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने साल 1914 में मदर्स डे को आधिकारिक मान्यता दी. इसके बाद इसे राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया. धीरे-धीरे यह परंपरा दुनिया के कई देशों में फैल गई और आज भारत समेत अनेक देशों में यह दिन बड़े उत्साह से मनाया जाता है. कहा कि मां का स्थान पूरी सृष्टि में सर्वोच्च है.
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों ने मां पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मन मोह लिया. संदेश दिया कि संसार में मां का स्थान सर्वोच्च है. अरवी, प्रियांशी, वरूण, कार्तिक, रूद्रांश, श्रुति यादव, शिवा मद्धेशिया, मानस गुप्ता, अजीत कुमार, आरूषि यादव, अद्विक यादव, अभय चौधरी, अनाया गुप्ता, अभिनव कुमार, श्रेष्ठ वर्मा, श्रेया गुप्ता, अक्षत सिंह, नव्या मिश्र, अस्तित्व सिंह, अंजू, नित्या, अर्शिया, राजश्री तिवारी आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. इस अवसर पर माताओं ने अपने अनुभव साझा किये. कार्यक्रम में छात्रों और उनकी माताओं में पुरस्कार वितरित किया गया.
इस अवसर पर मुख्य रूप से आबिद अरशद, प्रियंका त्रिपाठी, ए.के. मिश्र, रानी, श्रेया, द्विवेदी, अंजली, सुधा गौड़, शम्स परवेज, अंजली, रूचि, फिजा अकरम, फिजा युनूस आदि ने छात्रों कोे मदर्स डे के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
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