बस्ती में जमीन कब्जे का विरोध करना पड़ा भारी, महिला ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

बस्ती में जमीन कब्जे का विरोध करना पड़ा भारी, महिला ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
बस्ती में जमीन कब्जे का विरोध करना पड़ा भारी, महिला ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

 छावनी थाना क्षेत्र के सुहगिया शंकरपुर निवासिनी संजू पत्नी शिवपूजन ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर क्षेत्राधिकारी हर्रैया को पत्र देकर आबादी की भूमि में जबरिया कब्जा करने की कोशिश और बाउन्ड्रीवाल गिरा देने,  संजू को मारने पीटने, छावनी के दारोगा द्वारा दबाव बनाकर मनमाना एफआईआर दर्ज करने, उल्टे विवेचक द्वारा परिवार के सदस्यों, नात रिश्तेदारों को आये दिन थाने पर बुलाकर प्रताड़ित करने, फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देेने का आरोप लगाते हुये विवेचक को बदलने और टूटी बाउन्ड्री को बनवाये जाने की मांग किया है.

आबादी की जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर महिला से मारपीट

सीओ हर्रैया  दिये पत्र में संजू पत्नी शिवपूजन ने कहा है कि गत  4 अप्रैल को गांव के ही रूष्मा पत्नी हरिविजय, राम प्रसाद पुत्र रामदास उनकी आबादी की भूमि में जबरिया कब्जा करने की कोशिश करने लगे.  संजू ने जब इसका विरोध किया तो उन लोगों ने उसे मारा पीटा.  शिवपूजन ने जब इसकी सूचना थाने पर दिया तो पुलिस ने न्याय दिलाने की जगह उसे भगा दिया. उसी दिन शाम को उक्त लोग धारदार हथियार लेकर घर पर चढ आये और उसके पुत्र लगभग 11 वर्षीय अभिषेक को मारा पीटा.

बाउंड्रीवाल गिराने का वीडियो होने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप

वह फिर थाने पहुंचा किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई. 5 अप्रैल को उक्त  लोगों ने उसकी बाउन्ड्रीवाल को गिरा दिया जिसका वीडियो  उपलब्ध है. पुलिस ने शिवपूजन के तहरीर की जगह अपने तरीके से हल्के धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और अभियुक्त हरिविजय को मुल्जिम बना दिया जो यहां रहते ही नहीं है. शिवपूजन ने वीडियो के आधार पर नये सिरे से मुकदमा पंजीकृत कराकर विवेचक को बदलकर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई और अपनी जमीन को बचाने की गुहार पुलिस उच्चाधिकारियों से लगाया है. 

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
08 May 2026 By Vikas kumar

बस्ती में जमीन कब्जे का विरोध करना पड़ा भारी, महिला ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

 छावनी थाना क्षेत्र के सुहगिया शंकरपुर निवासिनी संजू पत्नी शिवपूजन ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर क्षेत्राधिकारी हर्रैया को पत्र देकर आबादी की भूमि में जबरिया कब्जा करने की कोशिश और बाउन्ड्रीवाल गिरा देने,  संजू को मारने पीटने, छावनी के दारोगा द्वारा दबाव बनाकर मनमाना एफआईआर दर्ज करने, उल्टे विवेचक द्वारा परिवार के सदस्यों, नात रिश्तेदारों को आये दिन थाने पर बुलाकर प्रताड़ित करने, फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देेने का आरोप लगाते हुये विवेचक को बदलने और टूटी बाउन्ड्री को बनवाये जाने की मांग किया है.

आबादी की जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर महिला से मारपीट

सीओ हर्रैया  दिये पत्र में संजू पत्नी शिवपूजन ने कहा है कि गत  4 अप्रैल को गांव के ही रूष्मा पत्नी हरिविजय, राम प्रसाद पुत्र रामदास उनकी आबादी की भूमि में जबरिया कब्जा करने की कोशिश करने लगे.  संजू ने जब इसका विरोध किया तो उन लोगों ने उसे मारा पीटा.  शिवपूजन ने जब इसकी सूचना थाने पर दिया तो पुलिस ने न्याय दिलाने की जगह उसे भगा दिया. उसी दिन शाम को उक्त लोग धारदार हथियार लेकर घर पर चढ आये और उसके पुत्र लगभग 11 वर्षीय अभिषेक को मारा पीटा.

बाउंड्रीवाल गिराने का वीडियो होने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप

वह फिर थाने पहुंचा किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई. 5 अप्रैल को उक्त  लोगों ने उसकी बाउन्ड्रीवाल को गिरा दिया जिसका वीडियो  उपलब्ध है. पुलिस ने शिवपूजन के तहरीर की जगह अपने तरीके से हल्के धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और अभियुक्त हरिविजय को मुल्जिम बना दिया जो यहां रहते ही नहीं है. शिवपूजन ने वीडियो के आधार पर नये सिरे से मुकदमा पंजीकृत कराकर विवेचक को बदलकर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई और अपनी जमीन को बचाने की गुहार पुलिस उच्चाधिकारियों से लगाया है. 

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है