बस्ती नगर पालिका का सीमा विस्तार फिर फंसा! अब 2027 तक का करना होगा इंतज़ार, जानें क्यों?
Basti News
बस्ती जिले में नगर पालिका सीमा विस्तार को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. लोगों को उम्मीद थी कि अब शासन से इस पर अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन फिलहाल यह मामला फिर से टलता नजर आ रहा है. नई जानकारी के अनुसार अब यह प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है.
दरअसल जिले में जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है. प्रशासन का कहना है कि जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक सीमा विस्तार पर कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाएगा. ऐसे में जिन गांवों को शहर में शामिल करने की योजना थी, उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा.
इसी बीच पंचायत चुनाव को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है. पहले यह चर्चा थी कि जिन गांवों का शहर में विलय होना है, वहां चुनाव होंगे या नहीं. अब माना जा रहा है कि चुनाव तय हैं और समय पर ही कराए जाएंगे.
हालांकि लोगों के मन में एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि अगर पंचायत चुनाव हो जाते हैं तो क्या सीमा विस्तार फिर कई सालों तक रुक जाएगा. जानकारों की मानें तो ऐसा जरूरी नहीं है. संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2027 में इस पर दोबारा काम शुरू हो सकता है. उस स्थिति में चुने गए प्रधानों को फिर से चुनाव का सामना करना पड़ सकता है.
बस्ती के करीब 69 गांव इस फैसले से सीधे जुड़े हैं. यहां के लोग लंबे समय से शहरी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं. सड़क, पानी और सफाई जैसी सुविधाएं मिलने की आस में लोग सीमा विस्तार का इंतजार कर रहे हैं.
कुछ समय पहले नगर पालिका अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जल्द निर्णय की बात कही थी. इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठ सका है. सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में राजनीति भी असर डाल रही है, जिस वजह से फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है. फिलहाल साफ है कि बस्ती में सीमा विस्तार का मामला अभी ठंडे बस्ते में है और लोगों को थोड़ी और प्रतीक्षा करनी होगी.
बस्ती नगर पालिका का सीमा विस्तार फिर फंसा! अब 2027 तक का करना होगा इंतज़ार, जानें क्यों?
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बस्ती जिले में नगर पालिका सीमा विस्तार को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. लोगों को उम्मीद थी कि अब शासन से इस पर अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन फिलहाल यह मामला फिर से टलता नजर आ रहा है. नई जानकारी के अनुसार अब यह प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है.
दरअसल जिले में जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है. प्रशासन का कहना है कि जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक सीमा विस्तार पर कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाएगा. ऐसे में जिन गांवों को शहर में शामिल करने की योजना थी, उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा.
इसी बीच पंचायत चुनाव को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है. पहले यह चर्चा थी कि जिन गांवों का शहर में विलय होना है, वहां चुनाव होंगे या नहीं. अब माना जा रहा है कि चुनाव तय हैं और समय पर ही कराए जाएंगे.
हालांकि लोगों के मन में एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि अगर पंचायत चुनाव हो जाते हैं तो क्या सीमा विस्तार फिर कई सालों तक रुक जाएगा. जानकारों की मानें तो ऐसा जरूरी नहीं है. संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2027 में इस पर दोबारा काम शुरू हो सकता है. उस स्थिति में चुने गए प्रधानों को फिर से चुनाव का सामना करना पड़ सकता है.
बस्ती के करीब 69 गांव इस फैसले से सीधे जुड़े हैं. यहां के लोग लंबे समय से शहरी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं. सड़क, पानी और सफाई जैसी सुविधाएं मिलने की आस में लोग सीमा विस्तार का इंतजार कर रहे हैं.
कुछ समय पहले नगर पालिका अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जल्द निर्णय की बात कही थी. इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठ सका है. सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में राजनीति भी असर डाल रही है, जिस वजह से फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है. फिलहाल साफ है कि बस्ती में सीमा विस्तार का मामला अभी ठंडे बस्ते में है और लोगों को थोड़ी और प्रतीक्षा करनी होगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।