Basti News: अपनी ही संपत्तियों का रखरखाव नहीं कर पा रहा प्रान्तीय खण्ड
बस्ती. जिले के विकास की पटकथा लिखने वाला लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड कार्यालय जिम्मेदारों की उदासीनता से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है. शास्त्री चैक के पास स्थित कार्यालय के परिसर में जलजमाव की वजह से आने-जाने वाले लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है. खुद बड़े साहब भी पानी में होकर अपने कार्यालय में आते-जाते है. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां इस कार्यालय में जमकर उड़ाई जाती है. इसकी बानगी कार्यालय में घुसते ही दिख जाती है. चारों तरफ उगे घास और झंखाड़ आने वालों का स्वागत करते नजर आते है.
यूं तो सालाना अरबों रूपए के बजट का यहां वारा-न्यारा होता है. सड़कों की गिट्टीयां और तारकोल भले ही राहगीरों को चोटहिल करते रहें. मगर लकदक गाड़ियों में घूमते विभागीय जिम्मेदार अपने कार्यस्थल को ही साफ-सुथरा नहीं रख पा रहे है.
अब आते हैं विभाग के डाक बंगले पर कभी वीआइपी मेहमानों की आरामगाह रहा प्रान्तीय खण्ड का डाक बंगला अपनी दुर्दशा पर रो रहा है. डाक बंगले में चारों तरफ बेतरतीब उगी हुई झाड़ियों और घासों ने इतिहास सहेजे बंगले को बेरौनक कर दिया है. लगता ही नहीं की इस डाक बंगले में कभी विभागीय उच्चाधिकारी आते भी होंगे. यही नहीं इस डाक बंगले के बाहर बने शौचालय का दरवाजा गायब हो चुका है. डाक बंगले में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के लिए रखा कैनोपी जेनरेटर जंग खा रहा है. विभाग को जैसे अपने सम्पत्तियों की कोई चिन्ता ही नहीं है. ऐसे में लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड की दुव्र्यवस्था पर विभागीय बड़े साहब की कब नजरें इनायत होंगी. इस पर सबकी निगाह है.
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अनूप मिश्रा, भारतीय बस्ती के पत्रकार है. बस्ती निवासी अनूप पत्रकारिता में परास्नातक हैं और अपनी शुरुआती शिक्षा दीक्षा गवर्नमेंट इंटर कॉलेज से पूरी की है.