सीएम योगी आज देंगे यूपी को बड़ी सौगात, वाराणसी से दिल्ली के लिए चलेगी स्लीपर वंदे भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने के बाद अब इसी शहर को एक और बड़ी रेल सुविधा मिलने जा रही है. वाराणसी और नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. दीपावली और छठ पर्व से पहले मिली इस सौगात से पूर्वांचल और दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है.
देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत भी नई दिल्ली से वाराणसी के बीच हुई थी. 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. उस समय चेयरकार वाली वंदे भारत ने भारतीय रेलवे में तेज और आधुनिक रेल यात्रा की नई शुरुआत की थी. अब करीब सात साल बाद इसी रूट पर स्लीपर वंदे भारत पहुंच रही है.इससे वाराणसी का नाम एक बार फिर देश के आधुनिक रेल नेटवर्क के विस्तार से जुड़ गया है.
इससे पहले जनवरी 2026 में हावड़ा और गुवाहाटी के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू की गई थी. वाराणसी-दिल्ली रूट पर शुरू होने वाली नई ट्रेन इस श्रेणी की दूसरी सेवा होगी.
रात में वाराणसी से चलकर सुबह दिल्ली पहुंचाएगी ट्रेन
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की समय-सारिणी यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक रखी गई है. वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली पहुंचेगी. इसी तरह वापसी में नई दिल्ली से ट्रेन रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी. इस तरह यात्रियों को रात में सफर करने के बाद सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचने का विकल्प मिलेगा. रेलवे के अनुसार, मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में नई वंदे भारत स्लीपर वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी आने में 35 मिनट कम समय लेगी. ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी. वाराणसी से शुक्रवार और नई दिल्ली से शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा.
फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की होगी सुविधा
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका स्लीपर कोच है. अब तक वाराणसी से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत में बैठकर यात्रा करने की व्यवस्था थी, लेकिन नई ट्रेन में लंबी दूरी के यात्रियों के लिए सोने की सुविधा मिलेगी. ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे. इनमें एक फर्स्ट एसी, चार सेकंड एसी और 11 थर्ड एसी कोच शामिल होंगे. पूरी ट्रेन में करीब 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी. फर्स्ट एसी में 24, सेकंड एसी में 188 और थर्ड एसी में 611 बर्थ होंगी. अलग-अलग श्रेणी के कोच होने से यात्री अपनी सुविधा और बजट के अनुसार टिकट ले सकेंगे.
बेहतर बर्थ, शोर कम करने की व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर को खासतौर पर लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें यात्रियों के आराम के लिए बेहतर डिजाइन वाली बर्थ, आधुनिक सस्पेंशन और शोर कम करने की तकनीक दी गई है. इसका उद्देश्य सफर के दौरान झटकों और आवाज को कम करके यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव देना है.
ट्रेन में आधुनिक शौचालय, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय, सामान रखने के लिए बेहतर जगह और मोबाइल-लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट दिए गए हैं. यूएसबी टाइप-ए और टाइप-सी चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी. फर्स्ट एसी में गर्म पानी के साथ शॉवर की व्यवस्था होगी. यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच संपर्क के लिए आधुनिक संचार प्रणाली और वाई-फाई नेटवर्क की सुविधा भी दी गई है.
रेलवे की ओर से यात्रियों के खानपान के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. इस तरह रातभर के सफर में यात्रियों को आराम और जरूरी सुविधाएं एक ही ट्रेन में मिल सकेंगी.
180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार
नई स्लीपर वंदे भारत को आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया गया है. इसकी डिजाइन अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को ध्यान में रखकर बनाई गई है. हालांकि, वास्तविक संचालन की स्वीकृत अधिकतम रफ्तार और रूट पर मिलने वाली गति अलग-अलग हो सकती है.
ट्रेन में बेहतर गति के साथ सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. इसमें कवच आधारित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली, आग और धुएं का पता लगाने वाले सेंसर, सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन अलार्म जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसके अलावा ऊर्जा बचाने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
प्रयागराज, कानपुर समेत इन शहरों को भी मिलेगा फायदा
वाराणसी और दिल्ली के बीच इस ट्रेन का लाभ केवल दोनों प्रमुख शहरों के यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा. इसके रास्ते में प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन भी जुड़ेंगे.
इससे पूर्वांचल के यात्रियों के साथ प्रयागराज और कानपुर क्षेत्र के लोगों को भी दिल्ली आने-जाने के लिए एक और आधुनिक रेल विकल्प मिलेगा. खासकर नौकरी, पढ़ाई, इलाज, कारोबार और पर्यटन के सिलसिले में दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन उपयोगी हो सकती है.
वाराणसी से शुरू हुई थी देश की पहली वंदे भारत, अब स्लीपर ट्रेन की बारी
वाराणसी के लिए इस नई ट्रेन का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर इसी शहर से जुड़ा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से शुरू हुई पहली चेयरकार वंदे भारत ने आधुनिक रेल यात्रा की शुरुआत का प्रतीक बनाया था. अब इसी रूट पर दूसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत होना पूर्वांचल के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
रेलवे आने वाले समय में वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को और विस्तृत करने के साथ यात्रियों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों की ट्रेनें विकसित कर रहा है. चेयरकार वंदे भारत जहां कम और मध्यम दूरी के सफर के लिए उपयोगी है, वहीं स्लीपर वंदे भारत को लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए तैयार किया गया है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।