Uttar Pradesh Panchayat Chunav: 26 मई को खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल, आगे कोर्ट करेगा फैसला
UP Panchayat Election 2026
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है. इस मामले पर आज 6 अप्रैल को योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहाँ कि पंचायत चुनाव का मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है और अब सरकार वही करेगी, जैसा अदालत आदेश देगी. उन्होंने साफ कहा कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक चुनाव की तारीख को लेकर कुछ भी कहना मुश्किल है.
मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया कई कारणों से प्रभावित हुई है. पिछड़ा वर्ग आयोग से जुड़ी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. इसके अलावा मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम भी 10 अप्रैल तक चल रहा है. जनगणना और अन्य प्रशासनिक कामों में भी अधिकारी और कर्मचारी लगे हुए हैं. ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने अपना पक्ष हाईकोर्ट के सामने रख दिया है.
कोर्ट के आदेश का होगा पालन
अगर कोर्ट आदेश दे देता है तो चुनाव कराना पड़ेगा. वहीं अगर मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होता है और तब तक नई पंचायतों का गठन नहीं हो पाता, तो भी आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देश के आधार पर ही होगी.
मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर विपक्ष खुलकर आवाज नहीं उठा रहा है. उनका कहना था कि विपक्ष का काम सरकार को घेरना और जनता के मुद्दे उठाना होता है, लेकिन इस मामले में विपक्ष चुप दिखाई दे रहा है.
कुल मिलाकर पंचायत चुनाव की आगे के निर्णय अब हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है. सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों अदालत के आदेश का इंतजार कर रहे हैं.
Uttar Pradesh Panchayat Chunav: 26 मई को खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल, आगे कोर्ट करेगा फैसला
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है. इस मामले पर आज 6 अप्रैल को योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहाँ कि पंचायत चुनाव का मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है और अब सरकार वही करेगी, जैसा अदालत आदेश देगी. उन्होंने साफ कहा कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक चुनाव की तारीख को लेकर कुछ भी कहना मुश्किल है.
मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया कई कारणों से प्रभावित हुई है. पिछड़ा वर्ग आयोग से जुड़ी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. इसके अलावा मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम भी 10 अप्रैल तक चल रहा है. जनगणना और अन्य प्रशासनिक कामों में भी अधिकारी और कर्मचारी लगे हुए हैं. ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने अपना पक्ष हाईकोर्ट के सामने रख दिया है.
कोर्ट के आदेश का होगा पालन
अगर कोर्ट आदेश दे देता है तो चुनाव कराना पड़ेगा. वहीं अगर मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होता है और तब तक नई पंचायतों का गठन नहीं हो पाता, तो भी आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देश के आधार पर ही होगी.
मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर विपक्ष खुलकर आवाज नहीं उठा रहा है. उनका कहना था कि विपक्ष का काम सरकार को घेरना और जनता के मुद्दे उठाना होता है, लेकिन इस मामले में विपक्ष चुप दिखाई दे रहा है.
कुल मिलाकर पंचायत चुनाव की आगे के निर्णय अब हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है. सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों अदालत के आदेश का इंतजार कर रहे हैं.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है