लखनऊ में टोल प्लाजा का नया खेल सामने, इस तरह ट्रकों को कराया जाता था पास
उत्तर प्रदेश के लखनऊ कानपुर हाईवे पर स्थित सरोजनीनगर क्षेत्र में टोल प्लाजा पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. यहां ओवरलोड ट्रकों को फर्जी नंबर दर्ज कर टोल से पास कराने का खेल चल रहा था. मामले की जानकारी मिलने पर आरटीओ और खनन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को पकड़ लिया.
जांच में पता चली सच्चाई
जांच के दौरान सामने आया कि कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दरोगाखेड़ा के पास पकड़े गए ट्रक का असली नंबर UP32 ZN 8925 है, जबकि टोल पर्ची में अलग नंबर दर्ज किया गया था. चालक से पूछताछ में पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
संयुक्त कार्रवाई में कुल 1.90 लाख रुपये का चालान किया गया. इसमें एआरटीओ द्वारा 1.08 लाख रुपये और खनन विभाग द्वारा 82 हजार रुपये की वसूली की गई. एआरटीओ ने कार्रवाई की पुष्टि की है.
यह भी पढ़ें: यूपी में बस्ती, अयोध्या, लखनऊ समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी, मौसम विभाग ने बताया आगे कैसा रहेगा हालसंचालकों के खिलाफ FIR
इस मामले में टोल संचालक, वाहन मालिक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. साथ ही टोल कर्मियों पर रिकॉर्ड छिपाने और फर्जीवाड़े में शामिल होने के गंभीर आरोप लगे हैं. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ओवरलोडिंग व फर्जीवाड़े को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
लखनऊ में टोल प्लाजा का नया खेल सामने, इस तरह ट्रकों को कराया जाता था पास
उत्तर प्रदेश के लखनऊ कानपुर हाईवे पर स्थित सरोजनीनगर क्षेत्र में टोल प्लाजा पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. यहां ओवरलोड ट्रकों को फर्जी नंबर दर्ज कर टोल से पास कराने का खेल चल रहा था. मामले की जानकारी मिलने पर आरटीओ और खनन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को पकड़ लिया.
जांच में पता चली सच्चाई
जांच के दौरान सामने आया कि कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दरोगाखेड़ा के पास पकड़े गए ट्रक का असली नंबर UP32 ZN 8925 है, जबकि टोल पर्ची में अलग नंबर दर्ज किया गया था. चालक से पूछताछ में पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
संयुक्त कार्रवाई में कुल 1.90 लाख रुपये का चालान किया गया. इसमें एआरटीओ द्वारा 1.08 लाख रुपये और खनन विभाग द्वारा 82 हजार रुपये की वसूली की गई. एआरटीओ ने कार्रवाई की पुष्टि की है.
संचालकों के खिलाफ FIR
इस मामले में टोल संचालक, वाहन मालिक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. साथ ही टोल कर्मियों पर रिकॉर्ड छिपाने और फर्जीवाड़े में शामिल होने के गंभीर आरोप लगे हैं. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ओवरलोडिंग व फर्जीवाड़े को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ताजा खबरें
About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है