UP News: विंध्य एक्सप्रेसवे से बदलेगी सोनांचल की तस्वीर, DPR इसी महीने

UP News: विंध्य एक्सप्रेसवे से बदलेगी सोनांचल की तस्वीर, DPR इसी महीने
UP News: विंध्य एक्सप्रेसवे से बदलेगी सोनांचल की तस्वीर, DPR इसी महीने

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी परियोजना आकार ले रही है. विंध्य क्षेत्र को आधुनिक एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना पर काम शुरू हो चुका है. सरकार की ओर से सर्वे का जिम्मा निजी एजेंसी को सौंपा गया है और जमीनी स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं. इस परियोजना से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों को तेज और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है.

चेन्नई की कंपनी कर रही सर्वे

विंध्य एक्सप्रेसवे के सर्वे का कार्य चेन्नई स्थित अल्मोंडज कंपनी को सौंपा गया है. कंपनी की तकनीकी टीम पिछले कुछ दिनों से सोनभद्र जिले के म्योरपुर क्षेत्र समेत अंतिम छोर तक सर्वे में जुटी है. यह एक्सप्रेसवे लगभग 330 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जो आगे चलकर प्रयागराज तक जाएगा.

जंगलों और दुर्गम इलाकों में सर्वे

बीते शुक्रवार को कंपनी के जूनियर सर्वेयर नितेश यादव और अरविंद कुमार ने रनटोला के घने जंगलों से होते हुए सर्वे कार्य किया. टीम ने हर 20 किलोमीटर पर सैटेलाइट कनेक्टिंग डिवाइस लगाकर पूरे रूट का एक साथ आंकलन किया. रेणुकूट को इस मार्ग का अंतिम बिंदु मानते हुए सर्वे किया जा रहा है. ऐसे में एक्सप्रेसवे का अंत मुर्धवा और रनटोला के जंगल क्षेत्र में प्रस्तावित है.

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किस रास्ते से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

विंध्य एक्सप्रेसवे को वाराणसी-शक्तिनगर रूट के समानांतर विकसित किया जाएगा. यह रनटोला और मुर्धवा के बीच जंगलों से निकलते हुए दुद्धी-हाथीनाला मार्ग को पार करेगा. इसके बाद यह हरदी कोटा के कोन मार्ग तक पहुंचेगा. सोन नदी पर नए पुल के निर्माण के बाद इसे नगवां के पल्हारी होते हुए चंदौली के रास्ते वाराणसी से जोड़ा जाएगा.

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कई राज्यों से जुड़ाव होगा आसान

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से सोनभद्र जैसे अंतिम छोर पर बसे जिले से प्रदेश के बड़े शहरों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य पड़ोसी राज्यों तक पहुंच आसान होगी. तेज रफ्तार सड़क के जरिए यात्रा समय घटेगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

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पहले सर्वे, फिर डीपीआर

कुल 330 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रूट का सर्वे कार्य तेजी से चल रहा है. सर्वे पूरा होने के बाद इसी महीने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर सरकार को सौंप दी जाएगी. डीपीआर में परियोजना की कुल लागत, निर्माण खर्च और अन्य तकनीकी पहलुओं का स्पष्ट ब्योरा होगा.

क्या कहते हैं अधिकारी

अल्मोंडज कंपनी के साइट इंचार्ज अरुण यादव के अनुसार, सर्वे का काम तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जा रहा है. डीपीआर इसी महीने के अंत तक सरकार को सौंप दी जाएगी. इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे विंध्य एक्सप्रेसवे का सपना धरातल पर उतर सकेगा.

कब शुरू होगा निर्माण

जानकारों का मानना है कि डीपीआर स्वीकृत होने के बाद इस परियोजना पर वर्ष 2027 से पहले निर्माण कार्य शुरू हो सकता है. इस एक्सप्रेसवे की घोषणा मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष महाकुंभ मेले के समापन के दौरान की थी, जिसके बाद से इसे लेकर क्षेत्र में उम्मीदें बढ़ गई हैं.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।