यूपी सरकार ने सोलर पंप वितरण को दी मंजूरी, टोकन सिस्टम से होगा चयन

यूपी सरकार ने सोलर पंप वितरण को दी मंजूरी, टोकन सिस्टम से होगा चयन
यूपी के इस ज़िले में 11 करोड़ का घोटाला

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा योजना का लक्ष्य मार्च 2026 तक 34,800 मेगावाट सौर क्षमता को जोड़ना है. सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि किसानों की आमदनी बढ़े और उन्हें सिंचाई से जुड़ी कोई परेशानी न हो. इसी दिशा में सौर ऊर्जा आधारित सोलर पंप लगाए जा रहे हैं, ताकि किसान आसानी से और कम खर्च में अपने खेतों की सिंचाई कर सकें.

सोलर पंप के फायदे
  • डीज़ल की जरूरत खत्म
  • पर्यावरण को नुकसान नहीं
  • सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है

इन सब कारणों से किसान कम खर्च में अपने खेतों के लिए सोलर पंप लगा सकते हैं.

यूपी में अब तक 40 हजार से ज्यादा किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया जा चुका है. जो पंप बचे हुए थे, उन्हें बांटने का काम फिर से शुरू किया जाएगा. शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए मंजूरी दे दी गई.

2019 से सोलर पंप लगाने का काम चल रहा है, लेकिन 2024–25 के बीच सिर्फ 28 हजार पंप ही लगाए जा सके. इस वजह से चालू वित्तीय वर्ष में 45 हजार से ज्यादा सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

किसानों का चयन कैसे होगा?

सोलर पंप लगाने के लिए किसानों का चयन कृषि विभाग के पोर्टल पर टोकन प्रक्रिया के आधार पर ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के तहत किया जाएगा. आवेदन करते समय किसान को 5,000 रुपये टोकन मनी के रूप में ऑनलाइन जमा करने होंगे.
सोलर पंप की बुकिंग जिलेवार और क्षमता के अनुसार तय किए गए लक्ष्यों की सीमा में की जाएगी.

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“विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है