यूपी के बिजली विभाग का कारनामा! कभी आता था 400 रुपये, इस महीने आया 6 लाख 46 हजार 799 का बिल
UP Bijli News:
ताजा मामला यूपी के बरेली जिले का है. यहां बिजली विभाग का बड़ा कारनामा सामने आया है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि मजदूर के घर का 2 महीने का 6,44,799 रुपये बिल आया. पहले मजदूर का 20 हजार रुपये का बिल आया था.
जब वह सही करवाने गए तो इसे कम करने की जगह बढ़ा दिया गया.
कभी आता था 400, 500 रुपये बिल
दावा किया गया कि मजदूर के घर में न इनवर्टर है न ही वॉशिंग मशीन. पहले 400 से 500 रुपए का बिल आता था. उपभोक्ता बिल सही करवाने के लिए चक्कर लगा रहा है. यह मामला बरेली के किला थाना क्षेत्र के रानी साहब फाटक का है.
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तहत आने वाले बरेली में रजनीश कुमार शुक्ल का ये बिल 21 अगस्त को जनरेट हुआ है जिसे जमा करने की आखिरी तारीख 28 अगस्त है.
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई थी.
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यूपी के बिजली विभाग का कारनामा! कभी आता था 400 रुपये, इस महीने आया 6 लाख 46 हजार 799 का बिल
UP Bijli News:
UP Bijli News: उत्तर प्रदेश में एक ओर जहां योगी सरकार लोगों के बिजली बिल सही करने और उन्हें भुगतान करने के लिए प्रेरित कर रही है तो वहीं दूसरी ओर विभाग अपने ही मुखिया के आदेश को ठेंगा दिख रहा है.
ताजा मामला यूपी के बरेली जिले का है. यहां बिजली विभाग का बड़ा कारनामा सामने आया है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि मजदूर के घर का 2 महीने का 6,44,799 रुपये बिल आया. पहले मजदूर का 20 हजार रुपये का बिल आया था.
जब वह सही करवाने गए तो इसे कम करने की जगह बढ़ा दिया गया.
कभी आता था 400, 500 रुपये बिल
दावा किया गया कि मजदूर के घर में न इनवर्टर है न ही वॉशिंग मशीन. पहले 400 से 500 रुपए का बिल आता था. उपभोक्ता बिल सही करवाने के लिए चक्कर लगा रहा है. यह मामला बरेली के किला थाना क्षेत्र के रानी साहब फाटक का है.
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तहत आने वाले बरेली में रजनीश कुमार शुक्ल का ये बिल 21 अगस्त को जनरेट हुआ है जिसे जमा करने की आखिरी तारीख 28 अगस्त है.
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई थी.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है