UP में इन दो जिलों के बीच सफर होगा तेज, 101 किलोमीटर का बनेगा नया हाईवे
Uttar Pradesh News
लखनऊ से बहराइच के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी की बैठक में बाराबंकी से बहराइच तक फोरलेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे को मंजूरी दे दी गई है. इस परियोजना के तहत करीब 101 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 6969 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह हाईवे लखनऊ, बाराबंकी, रामनगर, जरवल, कैसरगंज और फखरपुर जैसे इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. अभी इस रूट पर यात्रा करने में करीब ढाई घंटे का समय लगता है, लेकिन हाईवे बनने के बाद यह सफर घटकर करीब डेढ़ घंटे रह जाएगा.
यात्रा होगी सुरक्षित और तेज
इस रूट पर रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं, लेकिन कई स्थान ऐसे हैं जहां दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है. जरवल रोड के आसपास का इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है, जहां दो जिलों की सीमा होने के कारण ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है. झुकिया और अलीनगर जैसे स्थानों पर खतरनाक मोड़ हैं, जहां तेज रफ्तार में संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है. वहीं चौका घाट पुल और उसके आसपास का क्षेत्र भी अक्सर हादसों के लिए जाना जाता है.
भीड़भाड़ वाले इलाकों में मिलेगी राहत
कैसरगंज के कोनारी और कस्बा क्षेत्र में भारी भीड़ और तेज रफ्तार वाहनों के कारण हमेशा खतरा बना रहता है. फखरपुर के मदन कोठी इलाके में भी हाल ही में कोहरे और तेज रफ्तार के चलते बड़े हादसे हुए हैं. इसके अलावा बहराइच के पास टिकौरा मोड़ भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है.
व्यापार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस हाईवे के बनने से न सिर्फ लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि बहराइच और राजधानी लखनऊ के बीच व्यापार को भी गति मिलेगी. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और स्थानीय बाजारों को भी फायदा पहुंचेगा. कुल मिलाकर यह परियोजना पूर्वांचल के इस महत्वपूर्ण रूट के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ यात्रा भी पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी.
UP में इन दो जिलों के बीच सफर होगा तेज, 101 किलोमीटर का बनेगा नया हाईवे
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लखनऊ से बहराइच के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी की बैठक में बाराबंकी से बहराइच तक फोरलेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे को मंजूरी दे दी गई है. इस परियोजना के तहत करीब 101 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 6969 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह हाईवे लखनऊ, बाराबंकी, रामनगर, जरवल, कैसरगंज और फखरपुर जैसे इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. अभी इस रूट पर यात्रा करने में करीब ढाई घंटे का समय लगता है, लेकिन हाईवे बनने के बाद यह सफर घटकर करीब डेढ़ घंटे रह जाएगा.
यात्रा होगी सुरक्षित और तेज
इस रूट पर रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं, लेकिन कई स्थान ऐसे हैं जहां दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है. जरवल रोड के आसपास का इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है, जहां दो जिलों की सीमा होने के कारण ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है. झुकिया और अलीनगर जैसे स्थानों पर खतरनाक मोड़ हैं, जहां तेज रफ्तार में संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है. वहीं चौका घाट पुल और उसके आसपास का क्षेत्र भी अक्सर हादसों के लिए जाना जाता है.
भीड़भाड़ वाले इलाकों में मिलेगी राहत
कैसरगंज के कोनारी और कस्बा क्षेत्र में भारी भीड़ और तेज रफ्तार वाहनों के कारण हमेशा खतरा बना रहता है. फखरपुर के मदन कोठी इलाके में भी हाल ही में कोहरे और तेज रफ्तार के चलते बड़े हादसे हुए हैं. इसके अलावा बहराइच के पास टिकौरा मोड़ भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है.
व्यापार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस हाईवे के बनने से न सिर्फ लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि बहराइच और राजधानी लखनऊ के बीच व्यापार को भी गति मिलेगी. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और स्थानीय बाजारों को भी फायदा पहुंचेगा. कुल मिलाकर यह परियोजना पूर्वांचल के इस महत्वपूर्ण रूट के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ यात्रा भी पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है