यूपी में इस रेल नई 20 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का जल्द काम होगा पूरा
पूरे 158 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में अधिकांश हिस्सों पर पहले ही दोहरीकरण का काम पूर्ण हो चुका है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दोहरी लाइन के चालू होने से ट्रेनों का अनावश्यक ठहराव समाप्त हो जाएगा और उन्हें समय से संचालन में मदद मिलेगी.
फिलहाल इस रूट से होकर वाराणसी और मुंबई जाने वाली 16 प्रमुख ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें बलिया और बिहार से आने वाली दो ट्रेनें भी शामिल हैं. इस रेलखंड का दोहरीकरण पिछले कई वर्षों से चल रहा था. रेलवे ने खंडों में विभाजित करते हुए प्रत्येक 18-20 किलोमीटर हिस्से पर अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य को पूरा किया.
मार्च 2025 में दुल्लहपुर से सादात के बीच 18 किलोमीटर की दूरी पर दोहरीकरण एवं ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. अब सिर्फ मऊ-दुल्लहपुर खंड बाकी है.
.jpg)
रेलवे ट्रैक की संख्या बढ़ाए जाने के साथ-साथ छोटे और बड़े स्टेशनों पर भी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है. दोहरीकरण के बाद एक दिशा के लिए अलग ट्रैक मिलने से ट्रेनों को बिना रुकावट चलाया जा सकेगा. इससे न केवल ट्रेनें समय पर चलेंगी, बल्कि रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा भी मिलेगी.
एक ही ट्रैक पर जब दो दिशाओं की ट्रेनें चलती हैं, तो अक्सर स्पेशल ट्रेनों या सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रास्ता देने के लिए किसी भी स्टेशन या बीच रास्ते में रोकना पड़ता है. इससे उनका समय खराब होता है और यात्रियों को परेशानी होती है. दोहरीकरण से इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है.
इस परियोजना से सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने का मिलेगा. साथ ही रेलवे के संचालन में भी सुधार आएगा. दोहरीकरण के कारण रूट पर ट्रैफिक कम होगी और ट्रेनें तेज गति से दौड़ सकेंगी, इसके साथ ही समय की काफी बचत होगी.
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।