यूपी के इस जिले में शहर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, हाईवे के पास बनेगा सैटेलाइट बस स्टेशन

यूपी के इस जिले में शहर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, हाईवे के पास बनेगा सैटेलाइट बस स्टेशन
यूपी के इस जिले में शहर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, हाईवे के पास बनेगा सैटेलाइट बस स्टेशन

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित उन्नाव जिले की ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. अब लंबी दूरी की रोडवेज बस पकड़ने के लिए यात्रियों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में भटकना नहीं पड़ेगा. परिवहन निगम जल्द ही कानपुर-लखनऊ हाईवे पर एक आधुनिक सैटेलाइट बस स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है. इसके शुरू होते ही शहर के अंदर से गुजरने वाली लंबी दूरी की बसों पर रोक लगेगी और ट्रैफिक दबाव काफी कम हो जाएगा.

सब्जी मंडी का जाम अब खत्म 

वर्तमान में शहर के बीचोंबीच स्थित सब्जी मंडी के पास बना रोडवेज बस स्टैंड जाम की सबसे बड़ी वजह माना जाता है. सड़क संकरी होने और दिनभर बसों की आवाजाही के कारण यहां हर समय वाहनों की कतार लगी रहती है. स्थानीय लोगों और राहगीरों को लंबे समय से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है. सैटेलाइट बस स्टेशन बनने से इस इलाके को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

हाईवे किनारे तय हुई जगह

परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दही क्षेत्र में रोडवेज वर्कशॉप के पास सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए स्थान चिन्हित कर दिया है. जरूरी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं और जल्द ही निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी. यह स्टेशन शहर की सीमा के पास बनाया जाएगा ताकि बसों को अंदर आने की जरूरत न पड़े.

यूपी में एक साथ बजेगा ब्लैकआउट सायरन! 75 जिलों में बंद करनी होंगी सारी लाइटें, मॉकड्रिल का ऐलान यह भी पढ़ें: यूपी में एक साथ बजेगा ब्लैकआउट सायरन! 75 जिलों में बंद करनी होंगी सारी लाइटें, मॉकड्रिल का ऐलान

लंबी दूरी की बसें अब शहर में नहीं आएंगी

सैटेलाइट बस स्टेशन के चालू होते ही कानपुर, लखनऊ और अन्य दूरस्थ जिलों के लिए चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन सीधे हाईवे से किया जाएगा. इससे बसों का शहर में प्रवेश पूरी तरह बंद हो जाएगा. इसका सीधा लाभ यह होगा कि शहर के मुख्य रूट पर लगने वाला जाम काफी हद तक खत्म हो जाएगा और यातायात व्यवस्था सुचारू होगी.

योगी सरकार का बड़ा फैसला: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए 895 करोड़ मंजूर, 6 जिलों में भूमि अधिग्रहण यह भी पढ़ें: योगी सरकार का बड़ा फैसला: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए 895 करोड़ मंजूर, 6 जिलों में भूमि अधिग्रहण

सैटेलाइट बस स्टेशन क्या होता है

सैटेलाइट बस स्टेशन ऐसा बस अड्डा होता है जो शहर के बाहर या सीमा के पास बनाया जाता है. इसका मकसद लंबी दूरी की बसों को शहर में घुसने से रोकना होता है. यात्री वहीं से बस पकड़ते और उतरते हैं, जिससे मुख्य बस स्टैंड पर भीड़ कम होती है और शहर के अंदर ट्रैफिक आसान हो जाता है.

अधिकारी ने दी जानकारी

परिवहन निगम के एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि कानपुर-लखनऊ रूट की बसों के लिए हाईवे किनारे रोडवेज वर्कशॉप के पास सैटेलाइट बस स्टेशन बनाया जाएगा. इससे बसों की पार्किंग और संचालन वहीं से हो सकेगा और शहर के अंदर ट्रैफिक जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी.

यात्रियों के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

सैटेलाइट बस स्टेशन को यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा. यहां टिकट काउंटर के साथ ऑनलाइन टिकट सहायता की सुविधा होगी. आरामदायक प्रतीक्षालय, पीने का साफ पानी, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था की जाएगी. स्टेशन परिसर में पर्याप्त रोशनी, सीसी कैमरे, पुलिस चौकी और फायर सेफ्टी सिस्टम भी लगाए जाएंगे.

इसके अलावा पार्किंग, ऑटो और ई-रिक्शा की सुविधा, दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, सूचना बोर्ड, खाने-पीने के स्टॉल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी उपलब्ध रहेंगे.

ट्रैफिक और यात्रियों दोनों को फायदा

इस व्यवस्था से एक ओर जहां यात्रियों को हाईवे पर ही बस मिल जाएगी, वहीं दूसरी ओर शहर के अंदर जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी. प्रति दिन की आवाजाही आसान होगी और समय की भी बचत होगी.

On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।