यूपी में इस रूट का बाईपास बंद, भर गया पानी
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित गाजीपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के लोगों की चिंताएं बढ़नी जा रही हैं. रेवतीपुर-गहमर बाईपास पर बाढ़ का पानी अब चार फीट तक पहुंच चुका है, यही कारण है कि इस रूट पर वाहन पूरी तरह से बाधित हो गए हैं. अब स्थानीय लोग मजबूरी में पैदल ही सफ़र कर रहे हैं.
गंगा का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से ऊपर जा रहा है और खतरे के बिंदु से अब मात्र 155 सेंटीमीटर की दूरी पर है. शुक्रवार को जलस्तर 62.950 मीटर रिकॉर्ड किया गया. आपको बता दे की खतरे का स्तर 63.105 मीटर पर है. अब नगर के घाटों की अधिकतम सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं.
गांवों में बाढ़ के कारण खेत डूबे
रेवतीपुर-गहमर बाईपास के आसपास के हसनपुरा और वीरऊपुर गांवों के पास करीब 500 मीटर के अंतर्गत बाढ़ का पानी चार फीट तक भर गया है. यह बाईपास रेवतीपुर से गहमर और बारा जाने के लिए सबसे छोटा रूट था, परंतु इसके बंद हो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अब ताड़ीघाट-बारा राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे लोगों को लगभग 10 किलोमीटर की दूरी का सफर करना पड़ रहा है.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजारहसनपुरा, वीरऊपुर और नसीरनपुर गांव के मुख्य मार्ग पर भी पानी भर गया है. वहीं, करीब 125 बीघा खाली खेत अब बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं.
गोमती नदी में भी उमड़ी बाढ़ की स्थिति
मौधा क्षेत्र में गोमती नदी में जलस्तर बढ़ने से अमेहता, गौरहट, गौरी, तेतारपुर और खरौना गांव के लोगों में भय का माहौल है. तेतारपुर गांव के मुख्य रूट पर लगभग 500 मीटर के अंतर्गत छह इंच तक पानी फैल चुका है. इसके अतिरिक्त, गांव के 25 से 30 बीघा खाली खेत में गोमती नदी का पानी भर गया है.
बाढ़ के कारण स्थिति अब गंभीर होती जा रही है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की विशेष सलाह दी जा रही है.
यूपी में इस रूट का बाईपास बंद, भर गया पानी
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित गाजीपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के लोगों की चिंताएं बढ़नी जा रही हैं. रेवतीपुर-गहमर बाईपास पर बाढ़ का पानी अब चार फीट तक पहुंच चुका है, यही कारण है कि इस रूट पर वाहन पूरी तरह से बाधित हो गए हैं. अब स्थानीय लोग मजबूरी में पैदल ही सफ़र कर रहे हैं.
गंगा का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से ऊपर जा रहा है और खतरे के बिंदु से अब मात्र 155 सेंटीमीटर की दूरी पर है. शुक्रवार को जलस्तर 62.950 मीटर रिकॉर्ड किया गया. आपको बता दे की खतरे का स्तर 63.105 मीटर पर है. अब नगर के घाटों की अधिकतम सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं.
गांवों में बाढ़ के कारण खेत डूबे
रेवतीपुर-गहमर बाईपास के आसपास के हसनपुरा और वीरऊपुर गांवों के पास करीब 500 मीटर के अंतर्गत बाढ़ का पानी चार फीट तक भर गया है. यह बाईपास रेवतीपुर से गहमर और बारा जाने के लिए सबसे छोटा रूट था, परंतु इसके बंद हो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अब ताड़ीघाट-बारा राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे लोगों को लगभग 10 किलोमीटर की दूरी का सफर करना पड़ रहा है.
हसनपुरा, वीरऊपुर और नसीरनपुर गांव के मुख्य मार्ग पर भी पानी भर गया है. वहीं, करीब 125 बीघा खाली खेत अब बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं.
गोमती नदी में भी उमड़ी बाढ़ की स्थिति
मौधा क्षेत्र में गोमती नदी में जलस्तर बढ़ने से अमेहता, गौरहट, गौरी, तेतारपुर और खरौना गांव के लोगों में भय का माहौल है. तेतारपुर गांव के मुख्य रूट पर लगभग 500 मीटर के अंतर्गत छह इंच तक पानी फैल चुका है. इसके अतिरिक्त, गांव के 25 से 30 बीघा खाली खेत में गोमती नदी का पानी भर गया है.
बाढ़ के कारण स्थिति अब गंभीर होती जा रही है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की विशेष सलाह दी जा रही है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।