UP में अब स्थायी DGP की बारी! रेस में यह नाम सबसे आगे
सूत्रों के अनुसार, इस पैनल में चार वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें से एक को राज्य का नया स्थायी डीजीपी बनाया जाएगा. माना जा रहा है कि अंतिम चयन में वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे चल रहा है.
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यवाहक अधिकारियों की बजाय स्थायी नियुक्तियां की जाएं. कोर्ट के इस निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में तेजी दिखानी शुरू कर दी है.
इसी क्रम में राज्य सरकार ने वर्ष 1990 से वर्ष 1996 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के उन अधिकारियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने लगभग 30 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है और डीजीपी पद के लिए पात्र हैं. यह कदम स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
यह भी पढ़ें: UPSRTC: यूपी में शुरू हुआ एक और बस स्टेशन, रोज 200 बसों का होगा ठहराव- अयोध्या समेत इन जिलों में यात्रा होगी आसानगौरतलब है कि साल 2022 के बाद से उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हुई है. वर्तमान में राजीव कृष्ण कार्यवाहक डीजीपी के रूप में प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं. वे इस पद पर कार्यभार संभालने वाले पांचवें कार्यवाहक अधिकारी हैं. माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य में जल्द ही स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक स्थिरता मिल सकेगी.
UP में अब स्थायी DGP की बारी! रेस में यह नाम सबसे आगे
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेज दिया है. देश के सबसे बड़े राज्य में पिछले चार वर्षों से कार्यवाहक डीजीपी के सहारे चल रही पुलिस व्यवस्था को अब स्थायी नेतृत्व मिलने की संभावना बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक फैसला जल्द सामने आ सकता है.
सूत्रों के अनुसार, इस पैनल में चार वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें से एक को राज्य का नया स्थायी डीजीपी बनाया जाएगा. माना जा रहा है कि अंतिम चयन में वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे चल रहा है.
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यवाहक अधिकारियों की बजाय स्थायी नियुक्तियां की जाएं. कोर्ट के इस निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में तेजी दिखानी शुरू कर दी है.
इसी क्रम में राज्य सरकार ने वर्ष 1990 से वर्ष 1996 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के उन अधिकारियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने लगभग 30 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है और डीजीपी पद के लिए पात्र हैं. यह कदम स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
गौरतलब है कि साल 2022 के बाद से उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हुई है. वर्तमान में राजीव कृष्ण कार्यवाहक डीजीपी के रूप में प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं. वे इस पद पर कार्यभार संभालने वाले पांचवें कार्यवाहक अधिकारी हैं. माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य में जल्द ही स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक स्थिरता मिल सकेगी.