यूपी के इस जिले में बनेगा रेलवे बाइपास, लखनऊ रूट पर सफर होगा तेज

यूपी के इस जिले में बनेगा रेलवे बाइपास, लखनऊ रूट पर सफर होगा तेज
यूपी के इस जिले में बनेगा रेलवे बाइपास, लखनऊ रूट पर सफर होगा तेज

उत्तर प्रदेश: उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-लखनऊ रूट पर आने वाले दिनों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है. रेलवे की नई योजना से यात्रियों को न सिर्फ तेज सफर मिलेगा, बल्कि जंक्शन पर लगने वाली भीड़ से भी राहत मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से जिस समस्या पर चर्चा हो रही थी, अब उन समस्याओं पर काम शुरू होता नजर आ रहा है.

बढ़ता ट्रैफिक बना रेलवे के लिए चुनौती

दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस रूट पर मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियों का दबाव इतना अधिक है कि कई बार ट्रेनों को घंटों सिग्नल पर रोकना पड़ता है. बरेली जंक्शन पर सीमित जगह होने के कारण व्यवस्था संभालना मुश्किल होता जा रहा है.

समाधान की ओर बढ़ा रेलवे

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए रेलवे ने अब बरेली के पास वैकल्पिक रेल मार्ग यानी बाइपास बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है. इससे ट्रेनों को जंक्शन में प्रवेश कराए बिना सीधे आगे निकाला जा सकता है, जिससे संचालन सुचारू बना रहे.

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टिसुआ के पास बनेगा नया रेल बाइपास

रेलवे की योजना के अनुसार टिसुआ स्टेशन के पास एक नया बाइपास रेल ट्रैक विकसित किया जाएगा. यह लाइन दिल्ली-लखनऊ मेन लाइन से जुड़कर ट्रेनों को सीधा रास्ता देगी. बाइपास बनने के बाद बरेली जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा.

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इज्जतनगर मंडल की ट्रेनों को भी मिलेगा रास्ता

इस बाइपास से पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल को भी फायदा मिलने की संभावना है. वर्तमान में टर्निंग प्वाइंट न होने की वजह से इस मंडल की कई ट्रेनें बरेली जंक्शन तक नहीं आ पातीं. नई व्यवस्था के बाद इन ट्रेनों को मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली की ओर चलाया जा सकेगा.

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फोर लाइन प्रोजेक्ट से बढ़ेगी रफ्तार

गाजियाबाद से लखनऊ तक लगभग 450 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर फोर लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. अभी दो लाइन पर करीब 350 ट्रेनें रोजाना चलाई जा रही हैं, जिससे संचालन प्रभावित होता है. 4 लाइन तैयार होने के बाद ट्रेनों की गति और समय पालन दोनों बेहतर होंगे.

सर्वे और डीपीआर अंतिम चरण में

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर पिछले डेढ़ साल से इस परियोजना का तकनीकी सर्वे किया जा रहा था. अब सर्वे लगभग पूरा हो चुका है और डीपीआर तैयार कर ली गई है. योजना के अंतर्गत भिटौरा से रामगंगा और बुखारा होते हुए टिसुआ स्टेशन तक करीब 40 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी.

रेलवे अधिकारी ने दी जानकारी

मुरादाबाद मंडल‌ के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि अभी गाजियाबाद से लखनऊ के बीच दो लाइन हैं, जिन्हें फोर लाइन में बदला जाना है. टिसुआ के पास प्रस्तावित बाइपास से दिल्ली-लखनऊ रेल ट्रैफिक को बरेली जंक्शन पर लाए बिना सीधे निकाला जा सकेगा.

रामपुर क्षेत्र में भी बनेगा वैकल्पिक मार्ग

सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि रामपुर क्षेत्र में भी बाइपास रेल लाइन का प्रस्ताव है. यह लाइन रामपुर और नगरिया सादात के बीच जुड़ेगी और इसकी लंबाई लगभग 20 किलोमीटर होगी. इससे मुरादाबाद रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा.

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली और लखनऊ के बीच रेल यात्रा ज्यादा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगी. जंक्शन पर लगने वाली भीड़ घटेगी और ट्रेनों के लेट होने की समस्या में भी सुधार आएगा.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।