आईटी सिटी योजना: लॉटरी से मिलेगा प्लॉट, जानें पूरी प्रक्रिया

आईटी सिटी योजना: लॉटरी से मिलेगा प्लॉट, जानें पूरी प्रक्रिया
आईटी सिटी योजना: लॉटरी से मिलेगा प्लॉट, जानें पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश: राजधानी के विस्तार की दिशा में आईटी सिटी योजना को एक बड़ी पहल माना जा रहा है. इस योजना के माध्यम से आधुनिक आवासीय व्यवस्था विकसित की जा रही है, साथ-साथ किसानों और आम लोगों दोनों को बराबर का लाभ देने की कोशिश की जा रही है. प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी, जिससे किसी के साथ भेदभाव न हो.

लॉटरी से होगा भूखंडों का आवंटन

आईटी सिटी योजना के अंतर्गत लगभग 10 हजार भूखंड विकसित किए जा रहे हैं. इन सभी प्लॉटों का आवंटन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर पात्र आवेदक को समान अवसर मिले. भूखंडों का साइज अलग-अलग रखा गया है, जिससे हर आय वर्ग के लोग अपनी जरूरत के अनुसार प्लॉट ले सकें. प्लॉट का क्षेत्रफल 35 वर्ग मीटर से लेकर 200 वर्ग मीटर तक होगा.

पहले किसानों को मिलेगा मौका

इस योजना में सबसे पहले उन किसानों और भू-स्वामियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने लैंड पूलिंग नीति के तहत अपनी जमीन दी है. प्रशासन का मानना है कि इससे किसानों का भरोसा बना रहेगा और वे खुद को विकास का भागीदार महसूस करेंगे. किसानों के बाद आम नागरिकों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

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लैंड पूलिंग मॉडल बना किसानों की पसंद

आईटी सिटी योजना में जमीन जुटाने के लिए लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया गया है. इसके अंतर्गत जमीन देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 25% हिस्सा वापस दिया जाएगा. यह लाभ सामान्य अधिग्रहण के मुकाबले कहीं ज्यादा फायदेमंद माना जा रहा है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में किसान अपनी जमीन इस योजना में शामिल कर रहे हैं और उत्साह के साथ आगे आ रहे हैं.

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ग्रीन बेल्ट और वाटर बॉडी से मिलेगा पर्यावरण संरक्षण

2660 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही इस योजना में पर्यावरण का भी खास ध्यान रखा गया है. लगभग 200 एकड़ क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां गोल्फ सिटी की परिकल्पना की गई है. इसके अतिरिक्त 15 एकड़ में विशाल वाटर बॉडी बनाई जाएगी, जिससे जल संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा मिलेगा.

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कई गांवों की जमीन हो रही शामिल

इस महत्वाकांक्षी योजना में बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, टिकरिया, रकीबाबाद और मोहारी खुर्द-कला समेत कई गांवों की जमीन शामिल की गई है. प्रशासन के अनुसार, 26 जनवरी तक जिन किसानों की लैंड पूलिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें पहले चरण में शामिल किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में भी लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे.

कनेक्टिविटी पर भी खास फोकस

आईटी सिटी योजना को किसान पथ से जोड़ने के लिए लगभग 2 किलोमीटर लंबी कनेक्टिंग रोड बनाई जाएगी. इससे शहर के प्रमुख इलाकों से सीधा संपर्क स्थापित होगा और आने-जाने में आसानी होगी. बेहतर सड़क नेटवर्क से इस क्षेत्र की उपयोगिता और बढ़ेगी.

शहर और गांव दोनों को मिलेगा फायदा

आईटी सिटी योजना को लेकर उम्मीद की जा रही है कि इससे शहर का विस्तार तो होगा, साथ ही रोजगार, बेहतर आवास और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।