योगी सरकार के फैसले से लाखों शिक्षा कर्मियों को कितनी राहत?
अप्रैल से लागू होगा नया मानदेय
लंबे समय से शिक्षामित्र और अनुदेशक मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. प्रदेश भर में कार्यरत इन कर्मियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई और जिम्मेदारियों के अनुरूप मानदेय में संशोधन आवश्यक है. ऐसे में सरकार का यह फैसला उनके लिए राहत लेकर आया है.
शिक्षामित्र और अनुदेशक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं. विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में इनका योगदान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. मानदेय बढ़ने से इन कर्मियों में सकारात्मक संदेश गया है और इसे उनके कार्य व समर्पण के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है.
शिक्षा से जुड़े कई संगठनों और प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे शिक्षा कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे पहले से अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे.
यह भी पढ़ें: UP Budget 2026: Lucknow Metro विस्तार, Namo Bharat Train और नक्शा पास नियमों में बड़ी राहतसरकार के इस फैसले को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब शिक्षा से जुड़े कर्मियों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी, तो इसका सीधा प्रभाव विद्यालयों की कार्यक्षमता और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा.
कुल मिलाकर, मानदेय वृद्धि का यह निर्णय प्रदेश के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है