चुनाव बाद बड़ा यूपी को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में सरकार, जानें क्या करेगी सरकार
UPSRTC Bus News
UPSRTC News: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम चुनाव बाद अपने यात्रियों को बड़ा तोहफा देने वाला है. यह तोहफा ऐसा है जिसका इंतजार लंबे समय से लोग कर रहे थे. दरअसल, यूपीएसआरटीसी ऐसा ऐप लॉन्च करने वाला है जिसकी मदद से यात्रियों को अमुक बस के बारे में जानकारियां मिल जाएंगी.
यूपी सरकार बसों में ये सारा काम निर्भया फंड योजना के तहत करा रही है. बसों में पैनिक बटने के साथ-साथ लाइव लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगा रही है जिसका ट्रायल रन हो चुका है. इतना ही नहीं लखनऊ स्थित परिवहन निगम मुख्यालय में एक कमांड सेंटर का भी उद्घाटन हो चुका है. हालांकि उद्घाटन के वक्त तक ऐप रेडी नहीं हुआ. जब ऐप बन कर तैयार हुआ तब भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आम चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई. ऐसे में फिलहाल आंतरिक स्तर पर ही ऐप की जांच और इसकी कमियों को दूर किया जा रहा है.
चुनाव बाद लॉन्च होने वाले ऐप में यात्री बसों के बारे में लाइव अपडेट्स हासिल कर सकेंगे. जैसे बस कितनी देर में आपकी जगह पर पहुंचेंगी कितनी सीटें खाली हैं, कितनी एडवांस बुकिंग हुई है, स्पीड और बस कहां रुकेगी इसकी जानकारी भी मिल सकेगी. इतना ही नही पीछे आने वाली बसों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी. बसों में पैनिक बटन लग गया है. जैसे ही कोई बटन प्रेस करेगा तत्काल कमांड सेंटर को सूचना जाएगा जहां से ड्राइवर और कंडक्टर को टच में लिया जाएगा. अगर जरूरत पड़ी तो बस की लाइव लोकेशन के बेस पर मदद की जाएगी.
यूपी सरकार की पांच हजार बसों में यह डिवाइस लगाई जा चुकी है. बीते साल जानकारी आई थी कि अब तक लखनऊ क्षेत्र की 130, गाजियाबाद क्षेत्र की 60 और मेरठ क्षेत्र की 20 बसों में यह उपकरण लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा बस अड्डों पर एलईडी भी लगाई जाएगी ताकि यात्रियों को बसों की सही लोकेशन मिल सके.
चुनाव बाद बड़ा यूपी को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में सरकार, जानें क्या करेगी सरकार
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UPSRTC News: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम चुनाव बाद अपने यात्रियों को बड़ा तोहफा देने वाला है. यह तोहफा ऐसा है जिसका इंतजार लंबे समय से लोग कर रहे थे. दरअसल, यूपीएसआरटीसी ऐसा ऐप लॉन्च करने वाला है जिसकी मदद से यात्रियों को अमुक बस के बारे में जानकारियां मिल जाएंगी.
यूपी सरकार बसों में ये सारा काम निर्भया फंड योजना के तहत करा रही है. बसों में पैनिक बटने के साथ-साथ लाइव लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगा रही है जिसका ट्रायल रन हो चुका है. इतना ही नहीं लखनऊ स्थित परिवहन निगम मुख्यालय में एक कमांड सेंटर का भी उद्घाटन हो चुका है. हालांकि उद्घाटन के वक्त तक ऐप रेडी नहीं हुआ. जब ऐप बन कर तैयार हुआ तब भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आम चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई. ऐसे में फिलहाल आंतरिक स्तर पर ही ऐप की जांच और इसकी कमियों को दूर किया जा रहा है.
चुनाव बाद लॉन्च होने वाले ऐप में यात्री बसों के बारे में लाइव अपडेट्स हासिल कर सकेंगे. जैसे बस कितनी देर में आपकी जगह पर पहुंचेंगी कितनी सीटें खाली हैं, कितनी एडवांस बुकिंग हुई है, स्पीड और बस कहां रुकेगी इसकी जानकारी भी मिल सकेगी. इतना ही नही पीछे आने वाली बसों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी. बसों में पैनिक बटन लग गया है. जैसे ही कोई बटन प्रेस करेगा तत्काल कमांड सेंटर को सूचना जाएगा जहां से ड्राइवर और कंडक्टर को टच में लिया जाएगा. अगर जरूरत पड़ी तो बस की लाइव लोकेशन के बेस पर मदद की जाएगी.
यूपी सरकार की पांच हजार बसों में यह डिवाइस लगाई जा चुकी है. बीते साल जानकारी आई थी कि अब तक लखनऊ क्षेत्र की 130, गाजियाबाद क्षेत्र की 60 और मेरठ क्षेत्र की 20 बसों में यह उपकरण लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा बस अड्डों पर एलईडी भी लगाई जाएगी ताकि यात्रियों को बसों की सही लोकेशन मिल सके.
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About The Author
वागार्थ सांकृत्यायन
संपादक, भारतीय बस्ती
वागार्थ सांकृत्यायन एक प्रतिबद्ध और जमीनी सरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं, जो पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। भारतीय बस्ती के संपादक के रूप में वे खबरों को सिर्फ़ घटनाओं की सूचना तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके सामाजिक और मानवीय पक्ष को भी उजागर करते हैं।
उन्होंने भारतीय बस्ती को एक मिशन के रूप में विकसित किया है—जिसका उद्देश्य है गांव, कस्बे और छोटे शहरों की अनसुनी आवाज़ों को मुख्यधारा की मीडिया तक पहुंचाना। उत्तर प्रदेश की राजनीति, समाज और संस्कृति पर उनकी विशेष पकड़ है, जो खबरों को गहराई और विश्वसनीयता प्रदान करती है