UP के इस जिले की सड़क 37 करोड़ में होगी चौड़ी! महानगर जैसा मेकओवर, 32 गांवों की बदलेगी किस्मत

UP के इस जिले की सड़क 37 करोड़ में होगी चौड़ी! महानगर जैसा मेकओवर, 32 गांवों की बदलेगी किस्मत
UP के इस जिले की सड़क 37 करोड़ में होगी चौड़ी! महानगर जैसा मेकओवर, 32 गांवों की बदलेगी किस्मत

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. प्रस्तावित एक्सप्रेसवे विस्तार से अब पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी और हरियाणा तक सीधी और तेज सड़क सुविधा मिलने वाली है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा और समय की भी बड़ी बचत होगी.

750 किलोमीटर तक पहुंचेगी एक्सप्रेसवे की लंबाई

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार के बाद एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 750 किलोमीटर हो जाएगी. यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 22 जिलों को आपस में जोड़ेगा. अधिकारियों का कहना है कि एलाइनमेंट का काम तेजी से चल रहा है और फरवरी तक इसका डिजाइन पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा.

सिलीगुड़ी से पानीपत तक सीधा फोरलेन कॉरिडोर

इस परियोजना की खास बात यह है कि दोनों एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ने के बाद सिलीगुड़ी से लेकर पानीपत तक सीधी फोरलेन सड़क उपलब्ध होगी. इससे पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगा. व्यापार, उद्योग और माल ढुलाई को भी इससे नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

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शुरुआत में यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक प्रस्तावित था. बाद में इसे पानीपत तक बढ़ाया गया. अब सरकार ने इसे कुशीनगर सीमा के जरिए सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जोड़ने का फैसला लिया है. इस निर्णय से पूर्वी भारत और उत्तर भारत के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित होगा.

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ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में होगा विकास

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा. यानी इसके निर्माण के लिए नई जमीन का इस्तेमाल होगा. अधिकारियों के अनुसार, कुशीनगर जिले में यह सड़क 21 गांवों से होकर गुजरेगी, गोरखपुर जिले के 46 गांव से होकर गुजरेगी. एलाइनमेंट फाइनल होने के बाद गांवों की संख्या में परिवर्तन भी संभव है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी.

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चौड़ी सड़क और भविष्य की जरूरतों पर फोकस

इस फोरलेन एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 60 से 70 मीटर तक रखी जाएगी, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका विस्तार किया जा सके. परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2026 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.

सर्वे और लेवलिंग का काम जारी

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को कुशीनगर तक बढ़ाने के बाद सर्वे कार्य तेज कर दिया गया है. विशेषज्ञों की टीम लगातार मौके पर काम कर रही है. पीपीगंज क्षेत्र में एलाइनमेंट सर्वे के बाद पत्थर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है, अब लेवल सर्वे का कार्य जारी है.

विकास और रोजगार को होगा फायदा 

इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों में विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी.

किन-किन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित मार्ग कुशीनगर से शुरू होकर गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली होते हुए हरियाणा के पानीपत तक पहुंचेगा. संतकबीरनगर में इसकी लंबाई करीब 22.50 किलोमीटर, गोरखपुर में 34 किलोमीटर और कुशीनगर में लगभग 3 किलोमीटर प्रस्तावित है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।