यूपी के इन 22 गांवों में जमीन खरीदने पर रोक, प्रशासन का बड़ा आदेश
किन तहसीलों और इलाकों से होकर गुजरेगा हाईवे
लगभग 750 किलोमीटर लंबा यह राष्ट्रीय राजमार्ग रामपुर जिले में सदर तहसील के साथ-साथ स्वार, टांडा और बिलासपुर क्षेत्रों से होकर गुजरेगा. रामपुर से आगे यह हाईवे बरेली की ओर प्रवेश करेगा. अधिकारियों के अनुसार, हाईवे के प्रस्तावित रूट में आने वाले गांवों की पहचान कर ली गई है और अब भूमि से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित करने की प्रक्रिया चल रही है.
जमीन की रजिस्ट्री और निर्माण पर तत्काल रोक
हाईवे परियोजना को लेकर सबसे बड़ा फैसला भूमि की खरीद-फरोख्त और निर्माण गतिविधियों पर रोक का है. प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों से होकर यह हाईवे निकलेगा, वहां:-
- जमीन की रजिस्ट्री
- क्रय-विक्रय
- दाखिल-खारिज
- भूमि उपयोग परिवर्तन
- किसी भी तरह का नया निर्माण
पर अगले आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन द्वारा आदेश में कहा गया है कि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधि न हो.
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स्वार तहसील के रजिस्ट्रार नवनीत कुमार महेश्वरी की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिग्रहण से प्रभावित ग्राम पंचायतों में किसी भी प्रकार के विक्रय पत्र का पंजीकरण नहीं किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और विवाद-मुक्त रखने के लिए जरूरी है.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्वार तहसील क्षेत्र की 22 ग्राम पंचायतें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी. इसके अलावा सदर, टांडा और बिलासपुर तहसील के कई गांव भी इस परियोजना के दायरे में आ रहे हैं.
इन गांवों में जमीन का लेन-देन पूरी तरह बंद
प्रशासन द्वारा जिन गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई है, उनमें शामिल हैं:-
मधुपुरा, रुस्तमनगर छापर्रा, धनपुर निकट शाहदरा, शाहदरा घनपुर, मिलक काजी, समोदिया, खरदिया, अजीमनगर, शिवपुरी, हरनगला, मल्हपुरा, शाहदरा भोट, हरदासपुर कोठरा, शादीनगर हरदासपुर, ढीकपुरी टांडा, मुस्तफाबाद ढौकपुरी, छत्तरपुर, मुस्तफाबाद उर्फ टकलाबाद, मोहम्मदनगर, महूनागर, मिर्जापुर बिलासपुर और नानकार गांव. इसके अलावा सदर, टांडा और बिलासपुर तहसील के अन्य गांवों की सूची भी प्रशासन ने तैयार कर ली है.
अधिकारियों की अपील
एसडीएम अमन देओल ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में धारा 80 लागू कर दी गई है. किसानों और भूमि स्वामियों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की रजिस्ट्री या निर्माण कार्य न करें. नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वहीं तहसील सदर के अधिकारी के.के. चौरसिया ने बताया कि सदर, टांडा और बिलासपुर क्षेत्र के कई गांव हाईवे के रूट में शामिल हैं और आगे की सूचना समय-समय पर दी जाएगी.
विकास की राह खुलेगी, लेकिन अभी बरतनी होगी सावधानी
पानीपत-गोरखपुर हाईवे के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. हालांकि वर्तमान में जमीन से जुड़े प्रतिबंधों के कारण स्थानीय गतिविधियां कुछ समय के लिए सीमित रहेंगी. प्रशासन का कहना है कि जैसे ही अगला चरण तय होगा, सभी प्रभावित लोगों को आधिकारिक जानकारी दे दी जाएगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।