अब नहीं लगेगा जाम! गोरखपुर कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा 53 करोड़ का ओवरब्रिज

अब नहीं लगेगा जाम! गोरखपुर कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा 53 करोड़ का ओवरब्रिज
अब नहीं लगेगा जाम! गोरखपुर कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा 53 करोड़ का ओवरब्रिज

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित गोरखपुर जिले की सबसे व्यस्त और परेशानी भरी रेलवे क्रॉसिंग से लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है. गोरखपुर कैंट रेलवे क्रॉसिंग (157 ए स्पेशल) पर अब लंबे इंतजार के बाद टू-लेन रोड ओवरब्रिज के निर्माण की राह साफ हो गई है. रेलवे प्रशासन ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी तय कर दी है और लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस भी जारी कर दिया गया है. तय योजना के मुताबिक, यह ओवरब्रिज करीब 1.5 साल में बनकर तैयार होगा, जिसके बाद यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों की रोजमर्रा की परेशानी खत्म हो जाएगी.

नई डिजाइन पर बनी सहमति, जल्द शुरू होगा काम

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ओवरब्रिज को ‘वाई’ आकार में तैयार किया जाएगा, जिससे अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को आसानी हो. पुल की चौड़ाई करीब 7.5 मीटर रखी गई है, जबकि कुल लंबाई लगभग 870 मीटर होगी. निर्माण कार्य को गति देने के लिए करीब 53 करोड़ रुपये का संशोधित बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है. अब औपचारिकताएं पूरी होते ही मौके पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

कैंट स्टेशन बना, लेकिन रास्ता बना बड़ी समस्या

गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन को भले ही टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित कर दिया गया हो, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता अब तक बड़ी बाधा बना हुआ है. स्टेशन के उत्तर दिशा से शहर में प्रवेश करने के लिए रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है. यही वजह है कि लोगों को घंटों फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है. बारिश, धूप और ठंड हर मौसम में यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

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छात्रों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी

इस क्रॉसिंग पर जाम और देरी का सबसे ज्यादा असर छात्रों और मरीजों पर पड़ा है. स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे हों या अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, सभी को समय पर निकलने के बावजूद देर हो जाती है. कई बार जल्दबाजी में क्रॉसिंग पार करने की कोशिश में हादसे भी हो चुके हैं. इन कारणों से कैंट स्टेशन से ट्रेनों के संचालन के बावजूद यात्रियों का रुझान अपेक्षित स्तर तक नहीं बढ़ पाया.

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ट्रेनों की संख्या बढ़ी, सुविधा जरूरी

कैंट स्टेशन से वाराणसी रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है. आने वाले समय में नरकटियागंज और छपरा रूट पर भी लोकल ट्रेनों को चलाने की योजना है. यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ अब स्टेशन तक सुगम पहुंच की जरूरत और भी बढ़ गई है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने ओवरब्रिज निर्माण को प्राथमिकता दी है.

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रेलवे का दावा: 1.5 साल में पूरा होगा काम

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, गोरखपुर कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर टू-लेन रोड ओवरब्रिज के निर्माण के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है और एलओए जारी कर दिया गया है. परियोजना को 1.5 साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. ओवरब्रिज बनते ही सड़क उपयोगकर्ताओं और रेलवे संचालन दोनों को बड़ी राहत मिलेगी.

दक्षिण दिशा में नया रास्ता भी तैयार होगा

रेलवे प्रशासन केवल ओवरब्रिज तक ही सीमित नहीं है. कैंट स्टेशन के दक्षिण दिशा में सेना की भूमि के पास एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार और सड़क बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इससे स्टेशन तक पहुंचने के विकल्प और बढ़ेंगे और यातायात का दबाव एक ही मार्ग पर नहीं रहेगा.

आसपास के इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

ओवरब्रिज के बन जाने के बाद न केवल रेल यात्रियों को, बल्कि आम नागरिकों को भी बड़ी राहत मिलेगी. नंदानगर, झरना टोला, लालगंज, गायत्रीनगर, ऊंचवा, दरगहिया समेत दर्जनभर मोहल्लों के लाखों लोग बिना रुके आसानी से आवागमन कर सकेंगे. फाटक बंद होने का इंतजार खत्म होगा और समय की भी बचत होगी.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।