UP में बदल सकती है बिजली व्यवस्था, गांव-कस्बों में 24 घंटे मिलेगी सप्लाई!
देश में बिजली मांग और आपूर्ति की स्थिति
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली की मांग और आपूर्ति के मामले में देश के 5 प्रमुख राज्यों में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है. महाराष्ट्र में बिजली की मांग लगभग 2,01,816 मिलियन यूनिट (एमयू) दर्ज की गई है, जबकि आपूर्ति 2,01,757 एमयू रही.
इस सूची में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां बिजली की मांग करीब 1,65,090 एमयू और आपूर्ति 1,64,786 एमयू दर्ज की गई है. इसके बाद गुजरात में 1,51,878 एमयू मांग और 1,51,875 एमयू आपूर्ति, तमिलनाडु में 1,30,413 एमयू मांग और 1,30,408 एमयू आपूर्ति तथा राजस्थान में 1,13,833 एमयू मांग और 1,13,529 एमयू आपूर्ति दर्ज की गई है.
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उत्तर प्रदेश में वर्तमान में बिजली आपूर्ति के लिए रोस्टर व्यवस्था लागू है. इसके अंतर्गत महानगरों, मंडल मुख्यालयों, जिला मुख्यालयों और उद्योगों को 24 घंटे बिजली दी जाती है.
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे, बुंदेलखंड में 20 घंटे और तहसील, नगर पंचायत वाले कस्बों में करीब 21.30 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है. इसी वजह से प्रदेश में कुल बिजली खपत और मांग का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में कुछ कम माना जाता है.
रोस्टर हटाने की उठी मांग
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था खत्म कर सभी उपभोक्ताओं को सालभर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई है. परिषद का कहना है कि उपभोक्ता अधिकार नियम 2020 के अनुसार कई राज्यों में रोस्टर व्यवस्था खत्म हो चुकी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी भी गांवों और कुछ क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू है.
परिषद ने उठाए सवाल
परिषद के अध्यक्ष और ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश वर्मा का कहना है कि जब त्योहारों के दौरान प्रदेश के गांवों समेत सभी क्षेत्रों में दो दिन लगातार बिना बाधा बिजली आपूर्ति की जा सकती है, तो पूरे साल ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता.
गर्मी से पहले व्यवस्था सुधारने की मांग
वर्मा ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार से मांग की है कि प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था समाप्त कर सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिजली आपूर्ति के दौरान होने वाले ब्रेकडाउन को तुरंत ठीक कर निर्बाध बिजली व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था समाप्त कर दी जाए और सभी क्षेत्रों में समान रूप से बिजली दी जाए तो बिजली खपत और आपूर्ति दोनों के मामले में उत्तर प्रदेश जल्द ही देश में पहले स्थान पर पहुंच सकता है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।