घोटाले के बाद योगी सरकार का बड़ा फैसला, पेंशन सिस्टम में बड़ा बदलाव

घोटाले के बाद योगी सरकार का बड़ा फैसला, पेंशन सिस्टम में बड़ा बदलाव
घोटाले के बाद योगी सरकार का बड़ा फैसला, पेंशन सिस्टम में बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में सामने आए चित्रकूट कोषागार घोटाले ने सरकारी वित्तीय व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान प्रणाली में बड़ा सुधार करने का फैसला लिया है. सरकार का मानना है कि तकनीकी बदलाव से भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.

पेंशन और एरियर के लिए अलग-अलग डिजिटल व्यवस्था

नई व्यवस्था के अंतर्गत अब पेंशन की नियमित राशि और पेंशन एरियर का भुगतान एक ही सॉफ्टवेयर या लिंक से नहीं होगा. दोनों के लिए अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे. इससे भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट रहेगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी. यह कदम हाल ही में हुए करोड़ों के घोटाले के बाद उठाया गया है.

एनआईसीएस सॉफ्टवेयर को किया जाएगा अपग्रेड

सरकार ने एनआईसीएस सॉफ्टवेयर को नए ढांचे में निर्मित करने का निर्णय लिया है. अब पेंशन और एरियर के बिल अलग-अलग लिंक से जनरेट होंगे. इसके अलावा भुगतान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारियां भी जोड़ी जाएंगी, जिससे हर ट्रांजैक्शन की अलग पहचान हो सके. इससे यह स्पष्ट रहेगा कि कौन-सी राशि किस मद में और किस लाभार्थी को दी जा रही है.

अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश

इस परिवर्तन को लागू करने के लिए जिलाधिकारियों और कोषाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं. नए सिस्टम में सॉफ्टवेयर से बनने वाले बिलों को अलग-अलग लाभार्थियों के हिसाब से वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे किसी एक खाते में गलत तरीके से बड़ी रकम ट्रांसफर न हो सके.

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशन भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी, जिससे पेंशनरों का पैसा सुरक्षित रहेगा और किसी भी तरह की हेराफेरी पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी.

93 खातों की जांच, 24 जिलों में ऑडिट का फैसला

घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने उन 93 पेंशनरों की सूची तैयार की है, जिनके खातों में 43.13 करोड़ रुपये भेजे गए थे. इन सभी बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है. इसके साथ ही प्रदेश के 24 जिलों के कोषागारों का व्यापक ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसी अन्य अनियमितता का पता लगाया जा सके.

पुराने मामलों की भी हो रही जांच

साल 2018 से 2025 के बीच चित्रकूट कोषागार से अलग-अलग खातों में एरियर भेजे जाने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी थीं. अब इन मामलों की जांच एसटीएफ कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 3.62 करोड़ रुपये की राशि वापस भी की जा चुकी है.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
16 Dec 2025 By Shobhit Pandey

घोटाले के बाद योगी सरकार का बड़ा फैसला, पेंशन सिस्टम में बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में सामने आए चित्रकूट कोषागार घोटाले ने सरकारी वित्तीय व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान प्रणाली में बड़ा सुधार करने का फैसला लिया है. सरकार का मानना है कि तकनीकी बदलाव से भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.

पेंशन और एरियर के लिए अलग-अलग डिजिटल व्यवस्था

नई व्यवस्था के अंतर्गत अब पेंशन की नियमित राशि और पेंशन एरियर का भुगतान एक ही सॉफ्टवेयर या लिंक से नहीं होगा. दोनों के लिए अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे. इससे भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट रहेगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी. यह कदम हाल ही में हुए करोड़ों के घोटाले के बाद उठाया गया है.

एनआईसीएस सॉफ्टवेयर को किया जाएगा अपग्रेड

सरकार ने एनआईसीएस सॉफ्टवेयर को नए ढांचे में निर्मित करने का निर्णय लिया है. अब पेंशन और एरियर के बिल अलग-अलग लिंक से जनरेट होंगे. इसके अलावा भुगतान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारियां भी जोड़ी जाएंगी, जिससे हर ट्रांजैक्शन की अलग पहचान हो सके. इससे यह स्पष्ट रहेगा कि कौन-सी राशि किस मद में और किस लाभार्थी को दी जा रही है.

अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश

इस परिवर्तन को लागू करने के लिए जिलाधिकारियों और कोषाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं. नए सिस्टम में सॉफ्टवेयर से बनने वाले बिलों को अलग-अलग लाभार्थियों के हिसाब से वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे किसी एक खाते में गलत तरीके से बड़ी रकम ट्रांसफर न हो सके.

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशन भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी, जिससे पेंशनरों का पैसा सुरक्षित रहेगा और किसी भी तरह की हेराफेरी पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी.

93 खातों की जांच, 24 जिलों में ऑडिट का फैसला

घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने उन 93 पेंशनरों की सूची तैयार की है, जिनके खातों में 43.13 करोड़ रुपये भेजे गए थे. इन सभी बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है. इसके साथ ही प्रदेश के 24 जिलों के कोषागारों का व्यापक ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसी अन्य अनियमितता का पता लगाया जा सके.

पुराने मामलों की भी हो रही जांच

साल 2018 से 2025 के बीच चित्रकूट कोषागार से अलग-अलग खातों में एरियर भेजे जाने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी थीं. अब इन मामलों की जांच एसटीएफ कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 3.62 करोड़ रुपये की राशि वापस भी की जा चुकी है.

https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/big-decision-of-yogi-government-after-the-scam-big-change/article-23831
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।