UP में बड़ा एक्शन, अवैध खनन पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 400 वाहन सीज़!
Uttar Pradesh News
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से खनन विभाग ने अवैध खनन और उपखनिजों की ओवरलोडिंग को रोकने के लिए सख्त मोर्चा खोल दिया है. लगातार चल रही दबिश के कारण कई जिलों में माहौल गर्म है और खनन से जुड़े लोग खासे सतर्क नजर आ रहे हैं.
तीन दिन की ताबड़तोड़ छापेमारी
बीते तीन दिनों में विभाग की टीमों ने प्रदेशभर में बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया. इस दौरान जिला, मंडलीय और विशेष जाँच दलों ने हज़ारों वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज और लोड की जांच की. इस अभियान में 5000 से ज्यादा उपखनिज ढोने वाले वाहनों की पड़ताल की गई, जिसमें बड़ी संख्या में गड़बड़ियाँ सामने आईं.
कई जिलों में दर्ज हुई एफआईआर
छापेमारी के दौरान नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम उठाते हुए सात एफआईआर दर्ज कराई गईं. इसके अलावा 400 से अधिक वाहनों को ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन में पकड़ा गया. इन तमाम मामलों में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भारी अर्थदंड लगाया गया.
अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक माला श्रीवास्तव ने इस विषय पर सीमावर्ती जिलों को विशेष आदेश दि है कि दूसरे राज्यों से आने वाला खनिज केवल आईएसटीपी प्रक्रिया के अंतर्गत ही प्रवेश करे. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खनन स्थल पर मानक अनुसार ही लोडिंग होनी चाहिए.
किन जिलों में कितना एक्शन
जाँच दलों ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई को तेज रखा, इनमें शामिल हैं:-
- सोनभद्र में 54 वाहनों पर कार्रवाई
- मिर्जापुर में 23 वाहन पकड़े गए
- जालौन में 32 वाहनों पर चालान
- बलिया में 21 वाहन ओवरलोडिंग में मिले
- गोरखपुर में 15 वाहनों पर कार्रवाई
हर जिले में टीमों ने देर रात तक सड़क और खनन स्थलों पर गाड़ियों की चेकिंग की जिससे कोई वाहन बिना नियमों के न निकल सके.
UP में बड़ा एक्शन, अवैध खनन पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 400 वाहन सीज़!
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उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से खनन विभाग ने अवैध खनन और उपखनिजों की ओवरलोडिंग को रोकने के लिए सख्त मोर्चा खोल दिया है. लगातार चल रही दबिश के कारण कई जिलों में माहौल गर्म है और खनन से जुड़े लोग खासे सतर्क नजर आ रहे हैं.
तीन दिन की ताबड़तोड़ छापेमारी
बीते तीन दिनों में विभाग की टीमों ने प्रदेशभर में बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया. इस दौरान जिला, मंडलीय और विशेष जाँच दलों ने हज़ारों वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज और लोड की जांच की. इस अभियान में 5000 से ज्यादा उपखनिज ढोने वाले वाहनों की पड़ताल की गई, जिसमें बड़ी संख्या में गड़बड़ियाँ सामने आईं.
कई जिलों में दर्ज हुई एफआईआर
छापेमारी के दौरान नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम उठाते हुए सात एफआईआर दर्ज कराई गईं. इसके अलावा 400 से अधिक वाहनों को ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन में पकड़ा गया. इन तमाम मामलों में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भारी अर्थदंड लगाया गया.
अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक माला श्रीवास्तव ने इस विषय पर सीमावर्ती जिलों को विशेष आदेश दि है कि दूसरे राज्यों से आने वाला खनिज केवल आईएसटीपी प्रक्रिया के अंतर्गत ही प्रवेश करे. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खनन स्थल पर मानक अनुसार ही लोडिंग होनी चाहिए.
किन जिलों में कितना एक्शन
जाँच दलों ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई को तेज रखा, इनमें शामिल हैं:-
- सोनभद्र में 54 वाहनों पर कार्रवाई
- मिर्जापुर में 23 वाहन पकड़े गए
- जालौन में 32 वाहनों पर चालान
- बलिया में 21 वाहन ओवरलोडिंग में मिले
- गोरखपुर में 15 वाहनों पर कार्रवाई
हर जिले में टीमों ने देर रात तक सड़क और खनन स्थलों पर गाड़ियों की चेकिंग की जिससे कोई वाहन बिना नियमों के न निकल सके.
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About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।