यूपी में इन 31 गाँव में बेनामों पर रोक, 5000 किसानों के भुगतान अटके

यूपी में इन 31 गाँव में बेनामों पर रोक, 5000 किसानों के भुगतान अटके
Villages in UP

जिले में सड़कों का जाल बिछ रहा है, पथ निर्माण विभाग द्वारा जिले के कई इलाकों में सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। इसके लिए कई करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।

बिछ रहा है सड़कों का जाल

रोड के फोरलेन होने के बाद चौराहे पर जाम की समस्या खत्म होने के साथ ही ब्लैक स्पाट भी खत्म हो जाएगा। अचानक मोड़ आने के कारण कई बार यहां पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके बाद रोड को फोरलेन करने का निर्णय लिया गया है। फोरलेन बनने से यात्रियों का सफर भी आसान हो जाएगा।  मौजूदा सरकार का कहना है कि उसने भारत की पिछली सभी सरकारों के मुक़ाबले तीन गुना ज़्यादा सड़कें बनवाई हैं। ये सच है कि मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में सड़क निर्माण का काम तेज़ी से बढ़ा है लेकिन ये पिछली सरकारों के मुकाबले तीन गुना ज़्यादा नहीं है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2018 में कहा था कि उनकी सरकार में जितनी सड़कें बन रही हैं उतनी पहले किसी सरकार में नहीं बनीं। उन्होंने कहा था। आज हर रोज़ जिस गति से काम हो रहा है वो पहले हुए कामों से तीन गुना ज़्यादा है। लेकिन निगोही रोड पर गांव सतवां बुजुर्ग से बीसलपुर तक 46 किलोमीटर तक चौड़ीकरण करके फोरलेन सड़क का निर्माण होना है। प्रशासन का दावा है कि 90 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से हाईवे से सटे 31 गांवों में जमीन के बैनामों पर रोक लगा दी गई है। अभी तक 5600 लोगों के जमीन अधिग्रहण के भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक करीब 135 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। इसमें सरकारी और निजी जमीन शामिल है। वन निगम की अनुमति के बाद सड़क किनारे लगे पेड़ों का कटान बहुत तेजी से शुरू हो गया है। वन निगम की ओर से सड़क के बायीं ओर 2757 और दायीं तरफ 3176 पेड़ चिह्नित किए गए हैं। इन पेड़ों का कटान कार्य चल रहा है। अभी निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। अब तक निविदा प्रक्रिया शुरू न होने से कार्य में विलंब होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि निविदा होने के बाद ही यह तय होगा कि कितने समय में फोरलेन का काम पूरा करना होगा।

भारत में सबसे ज़्यादा सड़कें बनवाई सरकार  

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की इकोनॉमी को बढ़ाएगा। उन्होने कहा कि सरकार ने हर बात की तरह इस बार भी उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को प्राथमिकता दी है, जिससे रोड सेक्टर में इसका फायदा होगाण् उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। हाईवे किनारे बसे गांवों में अधिग्रहण को प्रभावित करने वाले गाटों के बैनामों की रोक लगा दी गई है। इसमें सदर के आठ और तिलहर तहसील के 23 गांव हैं। अधिग्रहीत की गई जमीन के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नेशनल हाईवे 731-के पर सतवां बुजुर्ग रिंग रोड से बीसलपुर तक करीब 46 किमी फोरलेन किया जाना है। प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, सदर तहसील के आठ गांव और तिलहर तहसील के 23 गांवों में 90 प्रतिशत अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया है। कोई विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो, इसलिए बैनामों पर रोक लगाई गई है। अभी तक 5600 लोगों की जमीन अधिग्रहीत होने के बाद भी उनके भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। कुल जमीन 137 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। सदर तहसील के सतवां बुजुर्ग, सतवां खुर्द, शहबाजनगर बांगर, मधवामई, बलेली, घुसगवां बांगर, रेभा, टिकरी, तिलहर तहसील के गुरगवां, बाबर, बनासदेवी, पतराजपुर, संडा खास, ककरौआ, कुईयां, कजरीनूरपुर, अरेली इस्माइलपुर, निगोही, हमजापुर, पैदापुर, मिश्रीपुर, पिपरिया खुशाली, हसौआ, राधौपुर सिकंदरपुर, बैदापुर, पिपरिया उदयभानपुर, जठियापुर, धुल्लियां शामिल हैं। निगोही के गिरगिचा और बझेड़ा-बझेड़ी गांव में चकबंदी नहीं होने की वजह से अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
23 Feb 2025 By Shambhunath Gupta

यूपी में इन 31 गाँव में बेनामों पर रोक, 5000 किसानों के भुगतान अटके

जिले में सड़कों का जाल बिछ रहा है, पथ निर्माण विभाग द्वारा जिले के कई इलाकों में सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। इसके लिए कई करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।

बिछ रहा है सड़कों का जाल

रोड के फोरलेन होने के बाद चौराहे पर जाम की समस्या खत्म होने के साथ ही ब्लैक स्पाट भी खत्म हो जाएगा। अचानक मोड़ आने के कारण कई बार यहां पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके बाद रोड को फोरलेन करने का निर्णय लिया गया है। फोरलेन बनने से यात्रियों का सफर भी आसान हो जाएगा।  मौजूदा सरकार का कहना है कि उसने भारत की पिछली सभी सरकारों के मुक़ाबले तीन गुना ज़्यादा सड़कें बनवाई हैं। ये सच है कि मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में सड़क निर्माण का काम तेज़ी से बढ़ा है लेकिन ये पिछली सरकारों के मुकाबले तीन गुना ज़्यादा नहीं है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2018 में कहा था कि उनकी सरकार में जितनी सड़कें बन रही हैं उतनी पहले किसी सरकार में नहीं बनीं। उन्होंने कहा था। आज हर रोज़ जिस गति से काम हो रहा है वो पहले हुए कामों से तीन गुना ज़्यादा है। लेकिन निगोही रोड पर गांव सतवां बुजुर्ग से बीसलपुर तक 46 किलोमीटर तक चौड़ीकरण करके फोरलेन सड़क का निर्माण होना है। प्रशासन का दावा है कि 90 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से हाईवे से सटे 31 गांवों में जमीन के बैनामों पर रोक लगा दी गई है। अभी तक 5600 लोगों के जमीन अधिग्रहण के भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक करीब 135 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। इसमें सरकारी और निजी जमीन शामिल है। वन निगम की अनुमति के बाद सड़क किनारे लगे पेड़ों का कटान बहुत तेजी से शुरू हो गया है। वन निगम की ओर से सड़क के बायीं ओर 2757 और दायीं तरफ 3176 पेड़ चिह्नित किए गए हैं। इन पेड़ों का कटान कार्य चल रहा है। अभी निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। अब तक निविदा प्रक्रिया शुरू न होने से कार्य में विलंब होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि निविदा होने के बाद ही यह तय होगा कि कितने समय में फोरलेन का काम पूरा करना होगा।

भारत में सबसे ज़्यादा सड़कें बनवाई सरकार  

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की इकोनॉमी को बढ़ाएगा। उन्होने कहा कि सरकार ने हर बात की तरह इस बार भी उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को प्राथमिकता दी है, जिससे रोड सेक्टर में इसका फायदा होगाण् उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। हाईवे किनारे बसे गांवों में अधिग्रहण को प्रभावित करने वाले गाटों के बैनामों की रोक लगा दी गई है। इसमें सदर के आठ और तिलहर तहसील के 23 गांव हैं। अधिग्रहीत की गई जमीन के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नेशनल हाईवे 731-के पर सतवां बुजुर्ग रिंग रोड से बीसलपुर तक करीब 46 किमी फोरलेन किया जाना है। प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, सदर तहसील के आठ गांव और तिलहर तहसील के 23 गांवों में 90 प्रतिशत अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया है। कोई विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो, इसलिए बैनामों पर रोक लगाई गई है। अभी तक 5600 लोगों की जमीन अधिग्रहीत होने के बाद भी उनके भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। कुल जमीन 137 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। सदर तहसील के सतवां बुजुर्ग, सतवां खुर्द, शहबाजनगर बांगर, मधवामई, बलेली, घुसगवां बांगर, रेभा, टिकरी, तिलहर तहसील के गुरगवां, बाबर, बनासदेवी, पतराजपुर, संडा खास, ककरौआ, कुईयां, कजरीनूरपुर, अरेली इस्माइलपुर, निगोही, हमजापुर, पैदापुर, मिश्रीपुर, पिपरिया खुशाली, हसौआ, राधौपुर सिकंदरपुर, बैदापुर, पिपरिया उदयभानपुर, जठियापुर, धुल्लियां शामिल हैं। निगोही के गिरगिचा और बझेड़ा-बझेड़ी गांव में चकबंदी नहीं होने की वजह से अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।

https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/ban-on-anonymous-people-in-these-31-villages-in-up--payments-of-5000-farmers-stuck/article-17843
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।